CM विष्णु देव साय के जल प्रबंधन मॉडल की दिल्ली में गूंज, केंद्र ने की सराहना, दूसरे राज्यों को भी दी सीख,जल प्रबंधन में छत्तीसगढ़ बना मिसाल, एम-सीएडी मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रशंसा ।

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By Sangani

CM विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के एम-सीएडी जल प्रबंधन मॉडल को केंद्र सरकार ने सराहा, जल शक्ति मंत्रालय ने अन्य राज्यों को भी छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाने की सलाह दी पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद/रायपुर अक्सर विकास के मॉडल बड़े राज्यों से छोटे राज्यों की ओर जाते हैं, लेकिन इस बार कहानी कुछ अलग है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में छत्तीसगढ़ द्वारा किए गए प्रयासों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। यही वजह है कि अब केंद्र सरकार स्वयं अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छत्तीसगढ़ के मॉडल से सीख लेने की सलाह दे रही है।
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-सीएडी) मॉडल के तहत छत्तीसगढ़ में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय पहल बताया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन विभागों को जारी पत्र में छत्तीसगढ़ की पहल का विशेष उल्लेख किया है।

CM विष्णु देव साय

CM विष्णु देव साय की पानी की हर बूंद को खेत तक पहुंचाने की सोच बनी पहचान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और उपलब्ध जल संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग के लिए राज्य सरकार लगातार नवाचार आधारित कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना केवल सरकार की नहीं बल्कि प्रदेश के किसानों, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है।
साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन और कृषि क्षेत्र का सशक्तीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

अपने संसाधनों से शुरू किया गया मॉडल बना देशभर के लिए उदाहरण

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने स्वयं के संसाधनों से एम-सीएडी योजना के उद्देश्यों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य शुरू किए हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य सिंचाई दक्षता बढ़ाना तथा सृजित सिंचाई क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
मंत्रालय ने माना है कि यह पहल राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के प्रति उसकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यही कारण है कि अन्य राज्यों को भी अपनी स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी गई है।

किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने पर फोकस

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगातार आधुनिक और नवाचार आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य उपलब्ध प्रत्येक बूंद पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है। और यदि इसी तरह जल संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और सिंचाई सुधार पर काम जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

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