गरियाबंद के मैनपुर में पुलिस ने महज 20 मिनट में महिला की गुम हुई चांदी की करधन खोजकर लौटाई। पुलिस की तत्परता और ईमानदारी की हो रही सराहना।
गरियाबंद आमतौर पर पुलिस की चर्चा अपराधियों की धरपकड़, जांच या कानून व्यवस्था को लेकर होती है, लेकिन गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना की पुलिस ने ऐसा काम किया है जिसकी इलाके में खूब चर्चा हो रही है। लोग मजाक में कह रहे हैं कि आजकल खोई हुई चीजें भी पुलिस से डरकर जल्दी मिल जा रही हैं।
मामला मैनपुर बस स्टैंड का है, जहां गौरघाट निवासी डोगेश ध्रुव अपनी चांदी की करधन लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान उनकी करधन कहीं गिरकर गुम हो गई। काफी तलाश के बाद भी जब करधन नहीं मिली तो वे परेशान होकर थाना मैनपुर पहुंचीं।

पुलिस ने नहीं पूछा कल आना, तुरंत निकल पड़ी तलाश में
महिला ने अपनी समस्या थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक हरीश चंद ध्रुव को बताई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने वह रवैया नहीं अपनाया जिसकी शिकायत अक्सर लोग करते हैं, बल्कि तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रधान आरक्षक हरीश चंद ध्रुव ने पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी और उपनिरीक्षक दीप कुमार, आरक्षक अमर लाल नागेश के साथ मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की। पुलिस टीम ने बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्र में तलाश अभियान चलाया।
20 मिनट में मिला गुमशुदा करधन
पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज 20 मिनट के भीतर गुम हुई चांदी की करधन खोज निकाली गई। इसके बाद थाना परिसर में नियमानुसार महिला को उनकी करधन वापस सौंप दी गई।
लोग बोले ऐसी खबरें भी सुर्खियां बननी चाहिए
सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस की आलोचना वाली खबरें सामने आती हैं तो ऐसे सकारात्मक कार्यों को भी प्रमुखता मिलनी चाहिए।
महिला डोगेश ध्रुव और उनके परिजनों ने मैनपुर पुलिस की तत्परता, ईमानदारी और संवेदनशील व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी पुलिस टीम की सराहना की है।
मैनपुर पुलिस की तत्परता की हो रही प्रशंसा
जिस दौर में लोग मोबाइल, बाइक और जरूरी दस्तावेज खोजने के लिए दिनों तक परेशान रहते हैं, उस दौर में मैनपुर पुलिस ने 20 मिनट में करधन ढूंढकर यह संदेश दे दिया कि अगर नीयत और तत्परता हो तो ‘खोई हुई उम्मीद’ भी वापस मिल सकती है।