EXCLUSIVE नकटी अतिक्रमण कार्रवाई विवाद नकटी ग्राम में मकान तोड़े जाने के विरोध में गरियाबंद जिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन,राज्य सरकार के खिलाफ पुतला दहन, पुलिस से झूमाझटकी, पुनर्वास और मुआवजे की मांग तेज पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद नकटी ग्राम में प्रशासन द्वारा मकान तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक रंग पकड़ता जा रहा है। जिन घरों की दीवारें टूटीं, उनके साथ अब सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप की दीवार भी खड़ी हो गई है। इसी मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को गरियाबंद में जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पुतला जलाने को लेकर जमकर झूमाझटकी भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

EXCLUSIVE नकटी अतिक्रमण कार्रवाई विवाद मकान तोड़े जाने के विरोध में गरियाबंद में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नकटी ग्राम के गरीब और आदिवासी परिवारों के मकानों को बिना पर्याप्त सुनवाई, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना मानवीय दृष्टिकोण अपनाए ध्वस्त कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल मकानों पर नहीं, बल्कि गरीबों के सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों पर भी चोट है।
पुनर्वास और मुआवजे की मांग तेज
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार गरीबों के हितों की बात करती है, वही आज उनके सिर से छत छीनने का काम कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों की बात सुने बिना प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया, जबकि पहले पुनर्वास और मुआवजे की स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए थी।कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि यदि प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला, उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
गरियाबंद में कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन
पार्टी ने चेतावनी दी कि जिला स्तर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदेश स्तर तक पहुंच सकता है।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए। पूरे प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और पुलिस की भी कड़ी निगरानी रही।सबसे ज्यादा तनाव उस समय देखने को मिला जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला जलाने का प्रयास किया।
पुतला दहन के दौरान पुलिस से झूमा झटकी
पुलिस ने पुतला दहन रोकने की कोशिश की, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झूमाझटकी की स्थिति बन गई। हालांकि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इस घटनाक्रम ने प्रदर्शन को और अधिक चर्चाओं में ला दिया।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल नकटी ग्राम की नहीं, बल्कि उन सभी गरीब और आदिवासी परिवारों की है जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग..
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के साथ संवेदनशीलता बरती जाए और जल्द से जल्द राहत पैकेज, मुआवजा तथा पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाए।वहीं, प्रशासन की ओर से इस प्रदर्शन पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
मांग पूरी नहीं हुई तो जल्द ही करेंगे बड़ा आंदोलन
यदि आने वाले दिनों में पुनर्वास और मुआवजे को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं होता, तो नकटी ग्राम का यह विवाद गरियाबंद की सीमाओं से निकलकर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। फिलहाल, मकान टूटने से शुरू हुआ यह विवाद अब सियासी टकराव का रूप ले चुका है।