गरियाबंद हेलमेट रैली पुलिस ने जनजागरूकता रथ और हेलमेट रैली निकालकर सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर बड़ा जागरूकता अभियान शुरू किया। पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद सड़क पर अक्सर एक नज़ारा देखने को मिलता है, हेलमेट बाइक के हैंडल में टंगा रहता है और जैसे ही सामने पुलिस दिखती है, वह सिर पर पहुंच जाता है। यही सोच बदलने के लिए गरियाबंद पुलिस ने शुक्रवार को सिर्फ चालान की कार्रवाई नहीं, बल्कि जागरूकता की मुहिम छेड़ दी है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में गरियाबंद पुलिस ने जनजागरूकता रथ और हेलमेट रैली का आयोजन कर लोगों को यह संदेश दिया कि हेलमेट किसी जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है । गरियाबंद पुलिस की इस हेलमेट मुहिम की सरहाना गरियाबंद की जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है

गरियाबंद हेलमेट रैली,पुलिस खुद बनी मिसाल, हेलमेट पहनकर निकली पूरी रैली
पुलिस लाइन से शुरू हुई हेलमेट रैली शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर निकली। इस दौरान पुलिस अधिकारी और जवान पूरी सुरक्षा के साथ हेलमेट पहनकर बाइक चलाते नजर आए। इसका उद्देश्य केवल लोगों को नियम बताना नहीं था, बल्कि स्वयं पालन करके समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना भी था।
व्यंग्य यही है कि लोग अक्सर कहते हैं, बस बाजार तक ही तो जाना है। लेकिन सड़क हादसे यह नहीं पूछते कि सफर दो किलोमीटर का है या दो सौ किलोमीटर का।
जनजागरूकता रथ देगा एक नहीं, कई बड़े संदेश
गरियाबंद पुलिस द्वारा तैयार किए गए जनजागरूकता रथ को आकर्षक बैनर और पोस्टरों से सजाया गया है। यह रथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति लगातार जागरूक करेगा।
रथ के माध्यम से लोगों को समझाया जाएगा कि तेज गति से वाहन न चलाएं। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनें।
चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाएं। शराब पीकर वाहन बिल्कुल न चलाएं। साइबर ठगी से सतर्क रहें। महिला अपराधों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हेलमेट चालान से नहीं, मौत से बचाता है
गरियाबंद पुलिस का कहना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं। हेलमेट पहनने का उद्देश्य पुलिस कार्रवाई से बचना नहीं बल्कि गंभीर चोट और जान के खतरे को कम करना है। आज भी कई लोग हेलमेट को केवल पुलिस चेकिंग तक सीमित समझते हैं। यही सोच बदलना इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल लोगों को समझाइश देकर जागरूक किया जा रहा है। लेकिन यदि इसके बाद भी यातायात नियमों की अनदेखी की गई तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करें।
रैली का उद्देश्य लोगों की सोच बदलना और जागरूकता लाना है
गरियाबंद पुलिस की यह पहल केवल एक रैली नहीं, बल्कि सोच बदलने की कोशिश है। यदि लोग हेलमेट को जुर्माने से नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा से जोड़कर देखना शुरू कर दें, तो सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी कमी लाई जा सकती है। आखिर घर पर इंतजार करने वाले अपनों के लिए सुरक्षित लौटना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हेलमेट रैली के 5 बड़े संदेश
हेलमेट पहनना आदत बनाइए।
तेज रफ्तार से दूरी बनाइए।
सीट बेल्ट हमेशा लगाइए।
नशे में वाहन कभी न चलाइए।
साइबर और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहिए।