कोपरा नगर पंचायत तोड़फोड़ का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष और पार्षदों सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया,पढ़ें पूरा मामला पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद कोपरा नगर पंचायत में कांग्रेस का कथित Power प्रदर्शन अब पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है। एक दिन पहले नगर पंचायत कार्यालय के घेराव के दौरान हुई तोड़फोड़ का वीडियो सामने आते ही मामले ने नया मोड़ ले लिया। वीडियो में कार्यालय के भीतर मची अफरा-तफरी और सामान को नुकसान पहुंचाए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई।
कोपरा नगर पंचायत तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने एफआईआर के आधार पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूपेश साहू और कांग्रेस पार्षदों सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी लोगों को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहाँ से जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया गया । जाने क्या था पूरा मामला

घेराव करने पहुंचे थे, पीछे छूट गया तोड़फोड़ का वीडियो
दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पंचायत कोपरा कार्यालय का घेराव किया था। आंदोलन का उद्देश्य अपनी मांगों और नाराजगी को प्रशासन तक पहुंचाना था, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान आंदोलन की ‘राजनीतिक स्क्रिप्ट’ अचानक बदल गई।
नारे लगते-लगते मामला कार्यालय के भीतर तोड़फोड़ तक जा पहुंचा। नगर पंचायत कार्यालय में लगी नेम प्लेट को नुकसान पहुंचाया गया। कंप्यूटर में तोड़फोड़ की गई और दरवाजे भी कथित गुस्से का शिकार बन गए।
शायद उस वक्त प्रदर्शनकारियों को लगा हो कि आंदोलन की आवाज जितनी ‘दमदार’ होगी, असर उतना ही ज्यादा होगा। लेकिन कैमरे की आंख ने पूरा घटनाक्रम अपने पास सुरक्षित रख लिया। अब वही वीडियो इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रहा है।
कैमरा निकला शांत गवाह, वीडियो आया तो बढ़ी मुश्किल
कोपरा नगर पंचायत तोड़फोड़ का वीडियो सामने आने के बाद घटना की तस्वीर काफी हद तक साफ होती दिखाई दे रही है। वीडियो में कार्यालय के भीतर हुए नुकसान और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियां नजर आने की बात सामने आई है।
राजनीतिक आंदोलनों में भाषण, नारे और आरोप-प्रत्यारोप तो आम हैं, लेकिन डिजिटल दौर की एक बड़ी परेशानी यह है कि कैमरा न तो सत्ता पक्ष देखता है और न विपक्ष। वह बस रिकॉर्ड करता है और सही समय आने पर वीडियो सोशल मीडिया से लेकर पुलिस जांच तक पहुंच जाता है। कोपरा में भी कुछ ऐसा ही होता नजर आया।
CMO ने कराई FIR, पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद नगर पंचायत कोपरा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी यानी सीएमओ ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की। एफआईआर के आधार पर आज पुलिस ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रूपेश साहू, कांग्रेस के पार्षदों सहित कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कोपरा से लेकर राजिम तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक दिन पहले तक नगर पंचायत कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन चर्चा में था, लेकिन अब चर्चा गिरफ्तारी और सामने आए वीडियो की हो रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ के बाद पुलिस की कार्रवाई ने बदला सियासी सीन
आंदोलन का Power शो अब पुलिस की केस डायरी तक पहुंच गया है। जिन नारों के सहारे नगर पंचायत प्रशासन को घेरने की तैयारी थी, उसी प्रदर्शन के बाद अब कांग्रेस के नेताओं और पार्षदों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। लेकिन फिलहाल सामने आया वीडियो और दर्ज एफआईआर पुलिस कार्रवाई का आधार बने हैं। गिरफ्तार किए गए सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है
कोपरा की राजनीति में वीडियो बना नया सियासी हथियार
कोपरा नगर पंचायत तोड़फोड़ मामला अब केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होने की संभावना है। सवाल यह है कि आंदोलन के दौरान आखिर हालात इतने बेकाबू कैसे हुए? कार्यालय के भीतर तोड़फोड़ किस परिस्थिति में हुई? क्या प्रदर्शन पहले से उग्र था या मौके पर अचानक स्थिति बिगड़ी? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच में सामने आ सकते हैं।
वायरल वीडियो ने बदला पूरा सियासी पारा
फिलहाल कोपरा की राजनीति में एक वीडियो ने पूरा सियासी सीन बदल दिया है। कल तक कांग्रेस नगर पंचायत को घेर रही थी और आज पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी सुर्खियों में है।।यानी कोपरा में ‘घेराव’ की कहानी शुरू तो नारों से हुई थी, लेकिन उसका अगला अध्याय एफआईआर, वीडियो और 7 गिरफ्तारियों तक पहुंच गया। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले में राजनीति का अगला ‘Power एपिसोड’ क्या होता है।