गरियाबंद में नन्हे राइडरों का फर्राटा पड़ा महंगा, 18 के हुए नहीं… बाइक लेकर सड़क नापने निकले, सामने RTO और यातायात ने की कार्यवाही मौके पर ही बनवाए लर्निंग लाइसेंस ।

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By Sangani

गरियाबंद में नन्हे राइडरों का फर्राटा पड़ा महंगा बस स्टैंड में RTO और यातायात पुलिस की औचक जांच में 4 नाबालिग और 3 बिना लाइसेंस वाहन चालक पकड़े गए, 7 लोगों के लर्निंग लाइसेंस भी बनाए गए पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद बाइक में पेट्रोल फुल हो या न हो, मोबाइल की बैटरी जरूर चार्ज है… बाल सेट हैं और सड़क पर फर्राटा भरने का कॉन्फिडेंस भी गजब का! बस एक छोटी सी चीज की कमी है—ड्राइविंग लाइसेंस। गरियाबंद बस स्टैंड में आरटीओ और यातायात पुलिस की औचक जांच में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
सड़क पर खुद को अनुभवी राइडर समझकर दोपहिया दौड़ा रहे वाहन चालकों का सामना जब अचानक जांच टीम से हुआ तो कई चेहरों का रंग बदल गया। दस्तावेज मांगे गए, जेबें टटोली गईं… मोबाइल निकला, बाइक की चाबी निकली, लेकिन लाइसेंस साहब कहीं नजर नहीं आए!

गरियाबंद में नन्हे राइडरों का फर्राटा पड़ा महंगा

गरियाबंद में नन्हे राइडरों का फर्राटा पड़ा महंगा उम्र छोटी, बाइक बड़ी…

आरटीओ अधिकारी युगेश्वरी वर्मा और यातायात प्रभारी रामधार की संयुक्त टीम ने गरियाबंद बस स्टैंड में दोपहिया वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान 4 नाबालिग बच्चे वाहन चलाते पकड़े गए।
अब उम्र भले ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की नहीं हुई हो, लेकिन बाइक चलाने का आत्मविश्वास ऐसा कि मानो वर्षों से हाईवे नाप रहे हों! जांच टीम ने जब रोका तो राइडिंग का रोमांच कुछ ही मिनटों में चालान की पर्ची तक पहुंच गया।


चार नाबालिग वाहन चालकों के मामलों में चालानी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उन अभिभावकों के लिए भी एक साफ संदेश है, जो बच्चों के हाथ में बाइक की चाबी देकर शायद यह मान लेते हैं कि हेलमेट और लाइसेंस जैसी चीजें ‘बड़े होने के बाद’ देखी जाएंगी।

साहब..बाइक अपनी है… लाइसेंस अभी बना नहीं

जांच के दौरान 3 ऐसे वाहन चालक भी पकड़े गए, जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। बाइक थी, पेट्रोल था और मंजिल भी तय थी… मगर वाहन चलाने की कानूनी अनुमति गायब थी।
टीम ने नियम समझाए और नियमानुसार चालानी कार्रवाई की। वहीं अभियान केवल पर्ची काटो और आगे बढ़ो तक सीमित नहीं रहा। मौके पर पात्र लोगों के कुल 7 लर्निंग लाइसेंस बनाए गए। यानी जिनकी जेब में अब तक सिर्फ बाइक की चाबी घूम रही थी, उनके हाथ में लाइसेंस की प्रक्रिया भी पहुंच गई।

गरियाबंद की सड़क है जनाब, मन किया और बाइक निकाल ली वाला नियम नहीं चलेगा

आरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सड़क पर वाहन चलाने के लिए सिर्फ बाइक खरीद लेना और पेट्रोल भरवा लेना काफी नहीं है। नियम भी पूरे करने होंगे।
अब गरियाबंद के वाहन चालक सावधान रहें। घर से निकलते समय मोबाइल और बाइक की चाबी के साथ लाइसेंस भी देख लें। वरना अगली औचक जांच में फिर वही सवाल गूंज सकता है गाड़ी के कागज तो ठीक हैं… लाइसेंस कहां है जनाब?’

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