गरियाबंद में भालुओं का आतंक एक ही दिन दो अलग-अलग जगह भालुओं का हमला। रसेला में बुजुर्ग और कामेपुर में ग्रामीण घायल, जिला प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स।
गरियाबंद जिले में वन्यजीवों के हमले की दो घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह से लेकर दिन के दौरान अलग-अलग इलाकों में भालुओं ने दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पहली घटना छुरा के रसेला क्षेत्र में सामने आई, जहां खेत में दवाई छिड़कने गए 65 वर्षीय बुजुर्ग लक्षन यादव पर भालू ने हमला कर दिया। वहीं दूसरी घटना में तीन भालुओं के झुंड ने कामेपुर निवासी 48 वर्षीय गुमान सिंह नागेश को अपना निशाना बनाया। दोनों घटनाओं में घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

गरियाबंद में भालुओं का आतंक रसेला में खेत पर दवाई डालने गए बुजुर्ग पर हमला
दिन की पहली घटना छुरा क्षेत्र के रसेला इलाके में सामने आई। जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय लक्षन यादव सुबह अपने खेत में फसल पर दवाई छिड़कने के लिए गए थे। इसी दौरान जंगल की ओर से निकले भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने उनके चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उनकी हालत चिंताजनक हो गई।
हमले के दौरान उनके साथ मौजूद आजूराम ठाकुर ने साहस दिखाते हुए भालू का सामना किया और उसे जंगल की ओर खदेड़ दिया। इस प्रयास से घायल बुजुर्ग की जान बच सकी। लक्षन यादव को जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया।
तीन भालुओं के झुंड ने ग्रामीण को घेरा, पेड़ पर चढ़ते समय पैर पर हमला
दूसरी घटना कामेपुर क्षेत्र से सामने आई है। यहां रहने वाले 48 वर्षीय गुमान सिंह नागेश सुबह फूटू तोड़ने के सिलसिले में जंगल की ओर गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें तीन भालुओं का झुंड दिखाई दिया। भालुओं को सामने देखकर अपनी जान बचाने के लिए ग्रामीण ने पेड़ पर चढ़ने का प्रयास किया।
इसी दौरान भालुओं ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैर को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीण को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दूसरे हमले ने जंगल से लगे खेतों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
एक दिन में दो हमले, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
गरियाबंद जिले में एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर भालुओं के हमले की दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जंगल के आसपास खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए वन्यजीवों से सामना होने का खतरा एक बार फिर सामने आया है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को जंगल की ओर स्थित खेतों में अकेले नहीं जाने और अंधेरे के दौरान खेतों या जंगल क्षेत्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही लोगों से वन्यजीवों की मौजूदगी की स्थिति में सावधानी बरतने की अपील की गई है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीणों की सुरक्षा और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। दोनों घायलों के उपचार और आगे की स्थिति को लेकर जानकारी का इंतजार है।