गरियाबंद सीएमओ का केबिन बना मारपीट का रण क्षेत्र देवभोग नगर पंचायत सीएमओ केबिन में सब इंजीनियर और लेखापाल के बीच जमकर हुई मारपीट, पेमेंट विवाद को लेकर चली लात-घूंसे, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दर्ज किया मामला।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सत्ता और प्रशासन के गलियारों को दहला देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ नगर पंचायत देवभोग के भीतर अनुशासन की धज्जियां उड़ गई हैंदेवभोग नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के केबिन में घुसकर एक सब इंजीनियर ने अपने साथियों के साथ मिलकर लेखापाल की जमकर पिटाई कर दी जिसका रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है

गरियाबंद सीएमओ के केबिन में घुसकर 3 साथियों संग पहुँचे सब इंजीनियर ने किया हमला
यह पूरी घटना 7 मई की बताई जा रही है जब नगर पंचायत कार्यालय के भीतर पुराने पेमेंट और भुगतान की फाइलों को लेकर सब इंजीनियर और लेखापाल के बीच विवाद शुरू हुआ था सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीरों के अनुसार सब इंजीनियर आर श्याम सुंदर पटनायक अपने तीन अन्य बाहरी साथियों के साथ सीएमओ केबिन में घुसे थे जहाँ लेखापाल संदीप चंद्रकार पहले से मौजूद थे

भ्रष्टाचार या आपसी रंजिश? पुराने भुगतान को लेकर हुए इस बवाल ने खोली दफ्तर की सुरक्षा की पोल
शुरुआत में बातचीत सामान्य लग रही थी लेकिन अचानक पीछे खड़े एक युवक ने लेखापाल की गर्दन दबोच ली और उसे कुर्सी से खींचकर नीचे पटक दिया जिसके बाद सब इंजीनियर और उसके साथियों ने लात-घूसों की बरसात कर दी हैरानी की बात यह है कि यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे के सामने और प्रशासनिक दफ्तर के सबसे महत्वपूर्ण कक्ष में अंजाम दी गई जिससे साफ होता है कि हमलावरों को कानून का रत्ती भर भी डर नहीं था
सीएमओ दुष्यंत साहू ने फेरा मुंह, बार-बार फोन करने पर भी नहीं दिया जवाब
घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है लेकिन स्थानीय प्रशासन और सीएमओ दुष्यंत साहू का रवैया बेहद संदिग्ध नजर आ रहा है क्योंकि उन्होंने इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है पत्रकारों और मीडिया कर्मियों द्वारा कई बार फोन किए जाने के बावजूद सीएमओ साहब ने कॉल रिसीव करना उचित नहीं समझा जिससे इस पूरे मामले में उनकी भूमिका और दफ्तर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं
सब इंजीनियर पटनायक और लेखापाल चंद्रकार दोनों पक्षों पर बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवभोग पुलिस ने अब सख्त रुख अपनाया है और सब इंजीनियर आर श्याम सुंदर पटनायक सहित उनके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है पुलिस ने सब इंजीनियर और उनके साथियों पर 115(2)-BNS, 296-BNS और 3(5)-BNS के तहत मामला दर्ज किया है तो वहीं दूसरे पक्ष से लेखापाल संदीप चंद्रकार के खिलाफ भी 296-BNS और 351(3)-BNS के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है
इस घटना ने नगर पंचायत के भीतर चल रहे अंदरूनी भ्रष्टाचार और पेमेंट विवादों की कलई खोल दी है और अब लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी दफ्तर अब गुंडागर्दी के अड्डे बन चुके हैं
वर्तमान में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है जबकि इस विवाद के पीछे के असली कारणों और पेमेंट के लेन-देन की फाइलों की भी जांच की जा रही है
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