108 में गूंजी किलकारी ..मंजिल थी रायपुर, लेकिन रास्ते में ही हो गई डिलीवरी.. एंबुलेंस में ही नन्ही बच्ची का हुआ जन्म ।

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By Sangani

108 में गूंजी किलकारी गरियाबंद से रायपुर रेफर गर्भवती महिला ने रास्ते में 108 एंबुलेंस में बच्ची को जन्म दिया। ईएमटी और पायलट ने तत्काल प्रसव कराया, जच्चा-बच्चा सुरक्षित पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद जिले के गरियाबंद से रायपुर रेफर की गई गर्भवती महिला ने रास्ते में 108 एंबुलेंस के अंदर ही एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी और पायलट ने तत्काल स्थिति संभाली और सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्ची को वापस जिला अस्पताल गरियाबंद लाया गया, जहां दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई।

मिली जानकारी के अनुसार, गरियाबंद जिला अस्पताल से 25 वर्षीय ऐश्वर्या साहू, पति लोकेश साहू, निवासी तँवरबाहरा, ब्लॉक गरियाबंद को प्रसव पीड़ा और अन्य चिकित्सकीय स्थिति के चलते बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा रायपुर रेफर किया गया था। महिला की गर्भावस्था करीब 39 सप्ताह 2 दिन की थी और यह उनका पहला प्रसव था।

108 में गूंजी किलकारी

108 में गूंजी किलकारी रास्ते में बढ़ी प्रसव पीड़ा, 108 में कराया गया प्रसव

गरियाबंद से रायपुर ले जाते समय रास्ते में महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी सोनिया छत्रे और पायलट भानुप्रताप साहू ने तत्काल प्रसव कराने की तैयारी की। टीम की तत्परता से एंबुलेंस में ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।

31 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:03 बजे महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। नवजात का वजन करीब 2.4 किलोग्राम बताया गया।

प्रसव के बाद मां और बच्ची को लाया गया जिला अस्पताल

एंबुलेंस में प्रसव होने के बाद जच्चा और नवजात को आगे रायपुर ले जाने के बजाय चिकित्सकीय देखरेख के लिए वापस जिला अस्पताल गरियाबंद लाया गया। अस्पताल में दोनों की जांच और आवश्यक देखभाल की गई।

इस पूरे घटनाक्रम में 108 एंबुलेंस की टीम की तत्परता महत्वपूर्ण रही। रास्ते में अचानक प्रसव की स्थिति बनने के बावजूद टीम ने घबराए बिना स्थिति को संभाला और महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।

108 एंबुलेंस में जन्मी बच्ची बनी चर्चा का विषय

अस्पताल से रायपुर के लिए रेफर हुई महिला के रास्ते में ही मां बनने की यह घटना सामने आने के बाद 108 एंबुलेंस की टीम की तत्परता की चर्चा हो रही है। समय पर लिए गए निर्णय और एंबुलेंस स्टाफ की सक्रियता से महिला और नवजात को तत्काल आवश्यक सहायता मिल सकी।

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