मामूली विवाद 7 युवकों का खूनी पावर शो, पीटकर अस्पताल ले गए, बोले एक्सीडेंट हुआ… लेकिन पोस्टमार्टम ने खोल दिया खतरनाक राज ।

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By Sangani

मामूली विवाद 7 युवकों का खूनी पावर शो मैनपुर में मीना बाजार के दौरान विवाद के बाद आकाश कश्यप से कथित मारपीट हुई,अस्पताल में एक्सीडेंट की बात बताई गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस जांच में नया मोड़ आया, 6 आरोपी गिरफ्तार और एक नाबालिग पर कार्रवाई पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद मीना बाजार देखने पहुंचे थे, लेकिन लौटते-लौटते एक मामूली कहासुनी ने ऐसी खूनी कहानी लिख दी कि 28 वर्षीय आकाश कश्यप की जान चली गई। आरोप है कि विवाद के बाद युवकों ने मिलकर आकाश की जमकर पिटाई की। हालत बिगड़ी तो उसे अस्पताल भी ले गए, मगर वहां कथित तौर पर कहानी बदलकर बता दिया गया कि आकाश का एक्सीडेंट हो गया है। शायद आरोपियों को लगा होगा कि एक्सीडेंट की कहानी चोटों पर पर्दा डाल देगी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरा ‘पावर शो’ उल्टा कर दिया।
मैनपुर पुलिस ने मामले की परतें खोलते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

मामूली विवाद 7 युवकों का खूनी पावर शो

मामूली विवाद 7 युवकों का खूनी पावर शो मीना बाजार में हुई कहासुनी, फिर पावर प्रदर्शन पड़ा भारी

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 3 जुलाई 2026 को थाना सिटी कोतवाली गरियाबंद में बिना नंबरी मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। मृतक आकाश कश्यप, उम्र 28 वर्ष, मैनपुर थाना क्षेत्र का निवासी था। प्रारंभिक जांच में मृतक के परिजनों, गवाहों और पंचों के बयान दर्ज किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपीगण और मृतक आकाश कश्यप मीना बाजार देखने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। अब विवाद किस बात पर शुरू हुआ, यह जांच का हिस्सा है, लेकिन पुलिस के मुताबिक बात इतनी बढ़ गई कि युवकों ने कथित तौर पर एक राय होकर आकाश के साथ जमकर मारपीट कर दी।
यानी मीना बाजार में मनोरंजन देखने पहुंचे युवकों के बीच गुस्से का पावर मीटर ऐसा चढ़ा कि समझदारी पीछे छूट गई और कथित रूप से डंडों ने मोर्चा संभाल लिया।

आकाश को अस्पताल ले गए, डॉक्टर को बताया एक्सीडेंट हुआ है

मारपीट के दौरान आकाश की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां कहानी में वह मोड़ आया, जिसने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में आकाश की चोटों को लेकर एक्सीडेंट की कहानी बताई गई। यानी कथित मारपीट के बाद अस्पताल पहुंचे, मगर बताया गया कि आकाश दुर्घटना में घायल हुआ है।
रात में इलाज के दौरान आकाश बीच में ही उपचार छोड़कर घर चला गया। मगर अगली सुबह उसकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे दोबारा मैनपुर अस्पताल लेकर पहुंचे,हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे गरियाबंद रेफर कर दिया।
गरियाबंद में इलाज के दौरान आकाश की मौत हो गई। एक मामूली विवाद अब हत्या के गंभीर मामले में बदल चुका था।

एक्सीडेंट की कहानी पर पोस्टमार्टम का ब्रेक, चोटों ने खोल दिया राज

आकाश की मौत के बाद पुलिस ने जांच तेज की पोस्टमार्टम और क्यूरी रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा मौत का कारण शरीर पर मौजूद बाहरी एवं आंतरिक चोटों और उनसे उत्पन्न जटिलताओं को बताया गया।
बस फिर क्या था! जिस मामले को कथित रूप से एक्सीडेंट का चोला पहनाने की कोशिश की गई थी, उसकी सिलाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उधेड़नी शुरू कर दी।
मृतक के शरीर पर मौजूद चोटों, परिजनों और गवाहों के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का शक गहराया। जांच की दिशा बदली और संदेही युवकों से पूछताछ शुरू हुई।

दो बांस के डंडे जब्त, पुलिस पूछताछ में खुलती गई मामूली विवाद की कहानी

पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान संदेही आरोपियों को तलब कर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों द्वारा एक राय होकर आकाश के साथ प्राणघातक मारपीट किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम कथन दर्ज कर घटना में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए दो नग बांस के डंडे भी जब्त किए हैं।
अब सवाल यही है कि जिस विवाद को दो मिनट की बातचीत से खत्म किया जा सकता था, वहां सात युवकों का कथित पावर प्रदर्शन आखिर किस काम आया? एक युवक की जान चली गई और अब कई युवकों को कानून के सामने जवाब देना पड़ रहा है।

6 आरोपी गिरफ्तार, 1 नाबालिग पर कार्रवाई, गरियाबंद पुलिस की बड़ी सफलता

मामले में पुलिस ने देवकुमार निषाद, भीखम यादव, मनीष यादव, लक्की नेताम, लोकेश यादव और डिगेन्द्र निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। वहीं 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है।
पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में मैनपुर थाना पुलिस और संबंधित पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
घटना समाज के लिए बेहद दुखद और नकारात्मक संदेश छोड़ गई है, लेकिन पुलिस द्वारा कथित एक्सीडेंट की कहानी के पीछे छिपी मारपीट की परतें खोलना जांच की सकारात्मक सफलता मानी जा रही है।
मीना बाजार की एक मामूली कहासुनी ने एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया और कई युवकों को पुलिस के हत्थे पहुंचा दिया। फिलहाल आरोपों का अंतिम परीक्षण न्यायिक प्रक्रिया में होगा, मगर मामला एक कड़वा सबक जरूर दे गया ।

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