रन फॉर हॉर्नबिल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 10 किमी दौड़, 250 प्रतिभागियों ने दिया हॉर्नबिल संरक्षण का संदेश ।

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By Sangani

रन फॉर हॉर्नबिल गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में रन फॉर हॉर्नबिल 10 KM दौड़ हुई। 250 प्रतिभागियों ने हॉर्नबिल संरक्षण और जनजागरूकता का संदेश दिया।

गरियाबंद, 6 अक्टूबर 2026 वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में मंगलवार को “रन फॉर हॉर्नबिल” 10 किलोमीटर दौड़ का आयोजन किया गया। मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण और स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ में करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वनकर्मियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने दौड़ के जरिए हॉर्नबिल संरक्षण का संदेश दिया।

दौड़ की शुरुआत बनियाधस जलप्रपात से हुई और प्रतिभागियों ने जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र से होकर करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए करीपगार जलप्रपात में दौड़ पूरी की। यह पूरा क्षेत्र मालाबार पाइड हॉर्नबिल के महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास के रूप में जाना जाता है।

रन फॉर हॉर्नबिल

रन फॉर हॉर्नबिल 250 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन. और वन विभाग के विशेष सचिव धम्मशील गणवीर सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

USTR की सभी 8 रेंजों से वनकर्मी और अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा ओंध और अमलोर सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

हॉर्नबिल संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका

“रन फॉर हॉर्नबिल” का उद्देश्य केवल दौड़ आयोजित करना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को मालाबार पाइड हॉर्नबिल के पारिस्थितिक महत्व से जोड़ना भी रहा। हॉर्नबिल फल खाने के साथ-साथ बीजों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे जंगलों के प्राकृतिक पुनर्जीवन में मदद मिलती है।

USTR के ओंध और अमलोर गांव करीब 2,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं और हॉर्नबिल के महत्वपूर्ण आवास क्षेत्रों में शामिल हैं। ऐसे में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को संरक्षण की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

हॉर्नबिल रेस्टोरेंट से हॉर्नबिल सफारी तक पहल

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में हॉर्नबिल संरक्षण को लेकर कई अभिनव पहल की जा रही हैं। इनमें “Hornbill Restaurants” विशेष रूप से चर्चा में रही है। इसके तहत हॉर्नबिल के लिए प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से पीपल, बरगद और अन्य फाइकस प्रजातियों सहित फलदार वृक्षों के समूह विकसित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा “Hornbill Safari” की पहल भी विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर तैयार करना है।

महिला और वेटरन वर्ग में शानदार प्रदर्शन

10 किलोमीटर की दौड़ में विभिन्न वर्गों के प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। महिला वर्ग में वनरक्षक परमेश्वरी, ललिता, रिंकी जोशी और ओंध गांव की टीकेश्वरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

वहीं Veteran Category में पहला स्थान गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा, दूसरा स्थान USTR क्षेत्र संचालक गुरुनाथन एन. और तीसरा स्थान तौरेंगा रेंजर केजूराम कोरचे ने हासिल किया।

कार्यक्रम के माध्यम से वन विभाग ने संदेश दिया कि वन्यजीव संरक्षण केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही जंगल और वन्यजीवों का संरक्षण लंबे समय तक प्रभावी बनाया जा सकता है। बनियाधस से करीपगार तक 10 किलोमीटर की यह दौड़ हॉर्नबिल संरक्षण के साथ प्रकृति और समुदाय के बीच मजबूत रिश्ते का संदेश देती नजर आई।

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