बिजली मीटर दौड़ रहा सरकार सो रही गरियाबंद में PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने महंगी बिजली को लेकर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला 4 सौ यूनिट तक बिजली बिल माफ करने की मांग, आंदोलन का ऐलान और 2028 में कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा करंट अगर किसी चीज़ में है तो वह बिजली के तारों में नहीं, बल्कि बिजली के बिलों में दिखाई दे रहा है। इसी हाई वोल्टेज माहौल के बीच गरियाबंद पहुंचे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने महंगी बिजली के मुद्दे पर बीजेपी सरकार हमला बोला बैज ने दावा किया कि प्रदेश में बिजली का बढ़ा हुआ बिल अब किसी एक वर्ग की परेशानी नहीं रहा। आम जनता से लेकर पत्रकार और यहां तक कि बीजेपी के कार्यकर्ता भी इससे परेशान हैं। उनका कहना था कि हर घर में बिजली का मीटर है, हर घर में बिल पहुंच रहा है, लेकिन शिकायत करने की हिम्मत कम लोग जुटा पा रहे हैं।

बिजली मीटर दौड़ रहा सरकार सो रही भाजपा सरकार तीन मोड में है गूंगी, बहरी और अंधी ।
दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता लगातार महंगी बिजली का बोझ झेल रही है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने सरकार को गूंगी, बहरी और अंधी तक कह डाला,अगर इस बयान को समझें तो ऐसा लगता है मानो जनता बिल देखकर चीख रही है, विपक्ष माइक लेकर बोल रहा है और सरकार शायद साइलेंट मोड पर चली गई है। बिजली का मीटर तेजी से दौड़ रहा है, लेकिन समाधान की स्पीड अभी भी लोडिंग… पर अटकी हुई दिखाई देती है।
4 सौ यूनिट की मांग और आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस ने घोषणा की कि प्रदेशभर में महंगी बिजली के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। पार्टी की मांग है कि 400 यूनिट तक बिजली बिल माफ किया जाए।बैज का कहना था कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल लोगों के लिए बोझ नहीं बनता था, जबकि वर्तमान सरकार में आम उपभोक्ता हर महीने बढ़ते बिलों से परेशान है। अब कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और आंदोलन करेगी।राजनीति के जानकार मानते हैं कि बिजली हमेशा चुनावी मुद्दा रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले नेता बिजली देने का वादा करते थे, अब बिजली के बिल कम कराने का वादा कर रहे हैं।
बिजली से सीधे 2028 की राजनीति तक
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिजली का मुद्दा चल ही रहा था कि चर्चा अचानक 2028 विधानसभा चुनाव तक पहुंच गई। दीपक बैज ने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। राजनीति में भविष्यवाणियां नई बात नहीं हैं। चुनाव आने से पहले हर दल अपनी जीत का दावा करता है। फर्क सिर्फ इतना है कि जनता फिलहाल वोट से ज्यादा बिजली के बिल की तारीख देख रही है।
Gen Z का भी जिक्र, बोले अब नई पीढ़ी भी भाजपा की कार्यशैली से परेशान
महंगी बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरने के बाद दीपक बैज ने देश की Gen Z (नई पीढ़ी) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की Gen Z भी अब भाजपा सरकार की कार्यशैली से त्रस्त हो चुकी है और उसके खिलाफ लगातार मोर्चा खोल रही है।
बैज का कहना था कि आज की युवा पीढ़ी हर मुद्दे पर सवाल पूछ रही है। उनके मुताबिक, रोजगार, महंगाई, शिक्षा और जनहित से जुड़े मामलों को लेकर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है और यही वजह है कि Gen Z अब खुलकर भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है। राजनीति अब सिर्फ चौपाल और चुनावी मंच तक सीमित नहीं रही। अब रील, मीम और हैशटैग भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में विपक्ष को लगता है कि Gen Z अब सिर्फ स्क्रॉल नहीं कर रही, बल्कि पॉलिटिक्स भी समझ रही है।
जनता के सामने सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल वही है जो हर महीने बिजली का बिल आने पर हर घर में उठता है इतना बिल आखिर आया कैसे? विपक्ष आंदोलन की तैयारी में है, सरकार अभी अपनी स्थिति स्पष्ट करने से बच रही है और उपभोक्ता मीटर की रीडिंग और जेब की हालत का हिसाब लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़क से लेकर विधानसभा तक कितना गर्म होता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। बैज की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब बिजली सिर्फ रोशनी का नहीं, बल्कि राजनीतिक करंट का भी बड़ा मुद्दा बन चुकी है। विपक्ष इसे जनता की आवाज बता रहा है, जबकि सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। फिलहाल इतना तय है कि बिजली के बिल ने राजनीति का वोल्टेज जरूर बढ़ा दिया है।
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