मैनपुर स्कूल शराब पार्टी 48 घंटे में ऐसा क्या हुआ कि रायपुर से आ गया बड़ा आदेश ?पहले वीडियो… फिर नोटिस… अब तीसरे कदम ने मचा दिया हड़कंप ।

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By Sangani

मैनपुर स्कूल शराब पार्टी गरियाबंद के मैनपुर स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) में कथित शराब पार्टी मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर ने दोनों शिक्षकों पर बड़ी कार्यवाही कर दी है। पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स।

गरियाबंद मैनपुर विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) में स्कूल कार्यालय में कथित शराब सेवन के मामले में आखिरकार बड़ा प्रशासनिक एक्शन हो गया है। पहले कारण बताओ नोटिस, फिर विभागीय जांच और अब संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

मैनपुर स्कूल शराब पार्टी

मैनपुर स्कूल शराब पार्टी खबर से कार्रवाई तक… ऐसे बदला पूरा घटनाक्रम

मामला तब चर्चा में आया जब स्थानीय मीडिया टीम ने दावा किया कि औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय कार्यालय में दो शिक्षक कथित रूप से शराब का सेवन करते हुए मिले। मौके पर शराब की बोतल, गिलास और चखना होने का दावा किया गया था। घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।खबर सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने पहले जांच का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। अब मामले में तीसरा और सबसे बड़ा कदम उठाते हुए संभागीय संयुक्त संचालक ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया है।

दोनों शिक्षकों पर गिरी निलंबन की गाज

संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार कमल सिंह दीवान एवं मनोज कुमार भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। आदेश में उल्लेख है कि वेब न्यूज़ में प्रकाशित कथित घटना तथा उससे संबंधित सामग्री के आधार पर प्रथम दृष्टया उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के विपरीत पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मैनपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

शिक्षा विभाग का सख्त संदेश

इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि सरकारी विद्यालयों में अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खास बात यह है कि खबर सामने आने के बाद विभाग ने पहले स्पष्टीकरण मांगा और उसके बाद उच्च स्तर पर निलंबन का निर्णय लिया।हालांकि, यह ध्यान रखना भी आवश्यक है कि निलंबन विभागीय कार्रवाई का एक चरण है। मामले की जांच और विभागीय प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी तथा अंतिम निर्णय जांच के निष्कर्षों के आधार पर लिया जाएगा।

जिले में चर्चा का विषय बना मामला

देवझर (अमली) स्कूल का यह मामला अब पूरे गरियाबंद जिले में चर्चा का विषय बन चुका है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की शिक्षा और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। वहीं विभागीय कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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