50 बार रक्तदान कर बचाईं अनगिनत ज़िंदगियां, अब छ.ग. रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित हुए गरियाबंद पुलिस के आरक्षक अखिलेश वैष्णव ।

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By Sangani

50 बार रक्तदान कर बचाईं अनगिनत ज़िंदगियां गरियाबंद पुलिस के आरक्षक अखिलेश वैष्णव को 50 से अधिक बार रक्तदान और सामाजिक सेवा के लिए छ.ग. रत्न सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी।

गरियाबंद पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि कई बार यही खाकी इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान भी बन जाती है। गरियाबंद पुलिस बल में पदस्थ आरक्षक अखिलेश वैष्णव ने अपने सेवा भाव से यही साबित किया है। 50 से अधिक बार स्वैच्छिक रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचाने वाले अखिलेश वैष्णव को उनकी उत्कृष्ट सामाजिक सेवा के लिए प्रतिष्ठित “छ.ग. रत्न सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया है।

50 बार रक्तदान कर बचाईं अनगिनत ज़िंदगियां

50 बार रक्तदान कर बचाईं अनगिनत ज़िंदगियां,मेकाहारा रायपुर में मिला राज्य स्तरीय सम्मान

हेल्पिंग हैंड्स क्लब फाउंडेशन द्वारा रायपुर स्थित मेकाहारा में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में अखिलेश वैष्णव को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों से लगातार किए जा रहे निस्वार्थ रक्तदान और समाज सेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए दिया गया।

जब भी किसी को खून की जरूरत पड़ती है, सबसे पहले आगे आते हैं अखिलेश

आरक्षक अखिलेश वैष्णव पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाते हैं। ड्यूटी के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं। अस्पतालों में जब भी किसी मरीज को आपातकालीन स्थिति में रक्त की आवश्यकता होती है, वे बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत रक्तदान के लिए पहुंच जाते हैं। अब तक उनके 50 से अधिक रक्तदान कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन चुके हैं।

एसपी ने कहा खाकी का बढ़ाया गौरव

इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने आरक्षक अखिलेश वैष्णव को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने सेवा भाव, मानवता और समर्पण से न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। उनका कार्य अन्य पुलिसकर्मियों और युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

मानवता की मिसाल बने अखिलेश

आज जब समाज में रक्त की कमी के कारण कई मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है, ऐसे समय में अखिलेश वैष्णव जैसे लोग यह संदेश देते हैं कि एक यूनिट रक्त किसी के लिए नया जीवन बन सकता है। उनका सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज में सेवा और मानवता की भावना का सम्मान भी है।

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