छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए परीक्षा पर रोक लगा दी है। और इस पर सरकार से जवाब मांगा गया है।
गरियाबंद/बिलासपुर छत्तीसगढ़ में शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए परीक्षा पर रोक लगा दी है। मामला पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को भर्ती विज्ञापन में आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने से जुड़ा है। हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अदालत ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती पर आखिर क्यों लगी शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक?
दरअसल, भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है। कोरबा निवासी मीनाक्षी मंगलेकर सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने इस व्यवस्था को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता संतोष रूंगटा ने अदालत में पक्ष रखा। याचिका में कहा गया कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद पूर्ण दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। इससे सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे इन अभ्यर्थियों के सामने अवसरों का संकट खड़ा हो रहा है।
आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं ने सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए भर्ती विज्ञापन की शर्तों और आरक्षण रोस्टर पर सवाल उठाए। उनका तर्क है कि दिव्यांगों की अन्य श्रेणियों के लिए आरक्षित पदों की व्यवस्था की गई है, लेकिन पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण के लाभ से बाहर रखा गया है।
याचिका में इस व्यवस्था को समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसी व्यवस्था पूर्ण दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर मिलने के रास्ते में बाधा बन रही है।
हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य शासन को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा। साथ ही, सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी।
हाईकोर्ट की इस कार्रवाई के बाद अब राज्य सरकार के जवाब पर सबकी नजर रहेगी। भर्ती परीक्षा पर रोक किन पदों और प्रक्रिया के किस चरण तक लागू होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अदालत के आदेश से स्पष्ट होगी।
अब आगे क्या होगा?
शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगी रोक के बाद अभ्यर्थियों के मन में आगे की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। फिलहाल, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अगले कदम राज्य शासन के जवाब और हाईकोर्ट के आगामी आदेश पर निर्भर करेंगे।
पूर्ण दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने से जुड़ा यह मामला अब सरकारी भर्ती में दिव्यांगजनों के समान अवसर के सवाल पर केंद्रित हो गया है। अदालत के अगले फैसले से भर्ती प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।