गरियाबंद में गांजा तस्करी चार दिन में गांजा तस्करी के तीन मामले सामने आए,देवभोग पुलिस ने मां-बेटे को 18 किलो 100 ग्राम गांजा और इक्को कार के साथ गिरफ्तार किया।
गरियाबंद चावल की बोरियों के बीच गांजा, आइस बैग में नशे का सामान और राजस्थान पासिंग बाइक से तस्करी के बाद अब गांजा तस्करी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गरियाबंद जिले में बीते चार दिनों के भीतर गांजा तस्करी के तीसरे अलग अंदाज वाले मामले का पर्दाफाश हुआ है। इस बार पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया है। कार्रवाई के बाद जिले में गांजा तस्करी के बदलते तरीकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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गरियाबंद में गांजा तस्करी इक्को कार की डिक्की में छिपाकर ले जा रहे थे गांजा
देवभोग पुलिस के मुताबिक, खूंटगांव नाके पर जांच के दौरान एक इक्को वाहन को रोककर तलाशी ली गई। वाहन की डिक्की से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ। मामले में डिंडेश्वर पांडेय और सीता पांडेय को गिरफ्तार किया गया है। दोनों रत्नपुर के पास स्थित कालमी टांट गांव के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजे के अलावा एक मोबाइल फोन और इक्को कार भी जब्त की है। जब्त वाहन की कीमत करीब तीन लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
चार दिन, तीन मामले और तस्करी के तीन अलग-अलग तरीके
गरियाबंद जिले में पिछले चार दिनों के दौरान सामने आए गांजा तस्करी के तीन मामलों ने तस्करों के इस्तेमाल किए जा रहे अलग-अलग तरीकों को उजागर किया है। पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
पहले मामले में तस्करों ने बस को गांजा परिवहन का जरिया बनाया। महेश बस में चावल की बोरियों के बीच गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी दौरान शारदा बस में सफर कर रहा एक अन्य आरोपी आइस बैग में गांजा छिपाकर ले जाते पकड़ा गया। इन दोनों मामलों में कुल मिलाकर लगभग 91 किलो गांजा बरामद किया गया था।
दूसरे मामले में राजस्थान पासिंग बाइक पर गांजा लेकर राजस्थान जाने की तैयारी कर रहा एक युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा। मैनपुर पुलिस ने उसे पकड़कर उसके कब्जे से 10 किलो गांजा बरामद किया था।
अब तीसरे मामले में इक्को कार की डिक्की से 18 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद होने के बाद मां-बेटे की गिरफ्तारी हुई है।
तस्करी के बदलते तरीके, पुलिस की जांच पर नजर
चार दिन में 3 मामले, 119.692 किलो गांजा जब्त, कीमत करीब 60 लाख रुपये । लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने गांजा तस्करी के तरीकों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। कभी चावल की बोरियों में गांजा छिपाया जा रहा है, तो कभी आइस बैग, बाइक और निजी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, इन मामलों के बीच किसी संगठित नेटवर्क का संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस की लगातार कार्रवाई से तस्करी के अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इन गिरफ्तारियों के बाद गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पुलिस पहुंच पाती है या नहीं।