संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद
इंद्रदेव सरस्वती जी महाराज महामंडलेश्वर इंद्रदेव सरस्वती महाराज ने शिव कथा से गृहस्थों को लताड़ा बुजुर्गों का सम्मान न करने पर मूर्ति पूजा को ढोंग बताया सिकंदर का उदाहरण देकर आचरण सुधारने की अपील की पढ़ें पूरा वायरल प्रवचन पढ़े पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ गरियाबंद के गांधी मैदान में सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा के छठवें दिन वृंदावन वाले श्री महामंडलेश्वर स्वामी श्री इंद्रदेव सरस्वती जी महाराज ने प्रवचन नहीं बल्कि डिजिटल युग का आध्यात्मिक रियलिटी चेक दे दिया अपनी ओजस्वी वाणी में उन्होंने समाज और गृहस्थ जीवन पर ऐसा तीखा पर सकारात्मक प्रहार किया कि पंडाल में बैठी भीड़ आत्मचिंतन में डूब गई महाराज जी का एक ही संदेश था मर मर जीना किसी काम का नहीं जीने के लिए आचरण बदलो ।

इंद्रदेव सरस्वती जी महाराज बुजुर्गों का त्याग घर में हो रहा अपमान तो तुरंत छोड़ दो
महाराज श्री इंद्रदेव सरस्वती जी ने बुजुर्गों के सम्मान को आज के सनातनी जीवन का सबसे बड़ा KPI Key Performance Indicator घोषित कर दिया उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चुनौती दी महाराज का त्याग मंत्र अपने घर के बुजुर्गों का सम्मान करो उनको नहीं पूजा तो मूर्ति पूजा का भी मतलब नहीं रह जाता यह केवल धार्मिक उपदेश नहीं था बल्कि एक क्रांतिकारी सामाजिक आह्वान था उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि जिन घरों में बुजुर्गों का सम्मान नहीं होता उन्हें ऐसे घर को त्याग छोड़ देना चाहिए क्यों क्योंकि त्याग में बहुत बड़ा ताप दिव्य शक्ति होता है परिणाम यह त्याग करने से परिवार सुधरेगा । यह एक धार्मिक अल्टिमेटम है या तो सम्मान दो या फिर बुजुर्गों को आत्म-सम्मान के साथ जाने दो
सिकंदर का उदाहरण जीरो बैलेंस लेकर गया विश्व विजेता
महाराज जी ने संसार की नश्वरता को समझाने के लिए सीधे-सीधे विश्व विजेता सिकंदर को मंच पर बुला लिया महाराज का वायरल ज्ञान पूरी दुनिया को जीतने वाला सिकंदर भी मरने के समय खाली हाथ गया था यह आज की भागो और कमाओ वाली पीढ़ी के लिए एक कड़ा संदेश था कि अंत में आपका बैंक बैलेंस नहीं बल्कि आपका आचरण और संस्कार ही मायने रखेंगे जब विश्व विजेता भी खाली हाथ जाता है तो हमारी छोटी-मोटी दौलत का क्या मोल
आचरण Vs आराधना रावण की कॉपी राम की पूजा
इंद्रदेव महाराज जी ने हमारे दोहरे व्यक्तित्व पर किया जहाँ हम कहते कुछ हैं और करते कुछ और महाराज का धर्म संकट आचरण दुर्योधन और रावण करके हम पूजा कर रहे कृष्णा और राम की तो कैसा फल मिलेगा यानी हम अपने व्यवहार में अधर्म को अपना रहे हैं लेकिन फल धर्म का चाहते हैं महाराज जी ने चेताया कि दिमाग में संस्कृति संस्कार और परंपराओं के साथ ही जवानी बचेगी वरना परंपरा क्षीण होने के बाद कुछ नहीं रह जाता परंपरा ही असली यंग एंड फिट रहने का सीक्रेट है
आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए महाराज जी ने अभिभावकों को कटघरे में खड़ा किया
पश्चात स्कूल में सनातनी बच्चा यह कैसे मुमकिन है शिक्षा पर चोट महाराज का एजुकेशन अलर्ट हम अपने बच्चों को पश्चात वेस्टर्न कल्चर वाले स्कूलों में भेजते हैं और यह सोचते हैं कि हमारा बच्चा सनातनी रहेगा तो यह कैसे मुमकिन है यह एक कल्ट्रचकल कॉन्फ्लिक्ट है जिसे माता-पिता खुद बढ़ावा दे रहे हैं यदि नींव ही विदेशी होगी तो इमारत स्वदेशी कैसे बन पाएगी
कथा केवल सुनिए नहीं एक बुरी आदत का त्याग करके जाइए दैनिक जीवन में अध्यात्म
कथा का सार बताते हुए महाराज जी ने कहा कि संसार में जितने भी देवी-देवता हैं सबको पूजा जाता है लेकिन देवों के देव महादेव हैंसमापन से पहले उन्होंने उपस्थित स्रोतों से एक व्यक्तिगत संकल्प लेने की अपील की
महाराज की एसईओ-फ्रेंडली अपील जो भी कथा सुनने आ रहे हैं
वह कम से कम अपनी एक बुरी आदत जरूर यहां से छोड़कर जाए कथा सुनने में इतना आनंद है तो जब आप इसे आचरण में उतारेंगे तो सोचिए आपका जीवन कितना आनंदमय हो जाएगा कथा को केवल सुनकर मनोरंजन करने के बजाय उसे अपने जीवन की अपडेटेड वर्जन बनाने की अपील की गई
आपका अगला कदम क्या है
महाराज जी के आह्वान को स्वीकारते हुए आप आज कौन सी एक बुरी आदत छोड़ने का संकल्प लेते हैं । इस बारे में जरूर विचार करिएगा ।
8 विशाल भंडारा का आयोजन
शिव महापुराण कथा के समापन के अंतिम दिवस देवांगन परिवार की ओर से विशाल भंडारा का आयोजन किया गया है । जिसमें सभी नगरवासियों को आमंत्रण दिया जा रहा है ।
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