गरियाबंद की नमी वाली साज़िश का पर्दाफाश लोहरसी केंद्र प्रभारी निलंबित, कलेक्टर की सीधी कार्रवाई,किसानों के विरोध के बाद एक्शन में प्रशासन ।

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By Sangani

संपादक पैरी टाईम्स 24×7 डेस्क गरियाबंद

गरियाबंद की नमी वाली साज़िशलोहरसी धान खरीदी केंद्र में नमी की साज़िश के बाद एक्शन में कलेक्टर BS Uike ने किसानों से अवैध वसूली करने वाले केंद्र प्रभारी को निलंबित किया। जानें कैसे मॉस्चराइजर मशीन से होता था घोटाला।

गरियाबंद ज़िले के लोहरसी धान उपार्जन केंद्र पर चल रही नमी बढ़ाने की साज़िश का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्थानीय किसानों ने केंद्र के मनमाने और भ्रष्ट तरीकों के खिलाफ़ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों के इस आक्रोश को ज़िला प्रशासन ने गंभीरता से लिया, जिसके परिणामस्वरूप कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र के प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

गरियाबंद की नमी वाली साज़िश

गरियाबंद की नमी वाली साज़िश मॉस्चराइजर मशीन का दुर्पयोग नमी का फर्जी खेल

​प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लोहरसी केंद्र पर लंबे समय से एक बड़ी अनियमितता चल रही थी। जाँच में यह सामने आया कि केंद्र के प्रभारी ने धान में नमी की मात्रा को गलत तरीके से बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने के लिए एक चौंकाने वाला तरीका अपनाया था।

जांच में खुलासा प्रभारी जानबूझकर मॉस्चराइजर मशीन (Moisture Meter) में धान के दाने को दबा कर (Compressing) माप लेते थे। इस दबाव के कारण मशीन में धान की नमी का प्रतिशत (Moisture Percentage) कृत्रिम रूप से बढ़ जाता था।

​इस तकनीकी हेरफेर के आधार पर, केंद्र किसानों को यह कहकर गुमराह करता था कि उनका धान तय मानक से अधिक नम है।

अतिरिक्त धान की अवैध वसूली समिति का अपना नियम

​नमी का फर्जी प्रतिशत बढ़ाकर केंद्र प्रभारी और समिति ने किसानों से अतिरिक्त धान (Extra Paddy) की अवैध वसूली का जाल बिछाया था। किसानों को मजबूरी में प्रति क्विंटल अधिक धान देना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

​जाँच में पता चला कि यह अनियमितता केंद्र स्तर पर बनाई गई एक अनौपचारिक और अवैध समिति नियम के तहत चल रही थी। इस नियम के तहत, किसानों से अतिरिक्त धान लिया जा रहा था, जो कि सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

तहसीलदार की खोजी रिपोर्ट ने किया पर्दाफाश

​किसानों के विरोध-प्रदर्शन के तुरंत बाद, कलेक्टर बीएस उईके ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल तहसीलदार को मौके पर विस्तृत जांच के लिए भेजा। तहसीलदार की गहन जांच में केंद्र पर चल रही ये सभी अनियमितताएं (Irregularities) सही पाई गईं।

​जांच रिपोर्ट के आधार पर, कलेक्टर ने बिना देरी किए लोहरसी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है, जिससे भ्रष्टाचार करने वालों में हड़कंप मच गया है।

क्या और अधिकारियों पर गिरेगी गाज?

​इस बड़ी कार्रवाई के बाद, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कलेक्टर बीएस उईके ज़िले के अन्य धान खरीदी केंद्रों की भी इसी प्रकार से औचक और गहन जांच करवाते हैं? किसानों को उम्मीद है कि लोहरसी की तरह, अन्य केंद्रों पर भी अगर कोई नमी वाली साज़िश चल रही होगी, तो वह भी जल्द ही बेनकाब होगी।

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