लाल आतंक का सबसे बड़ा सरेंडर शौर्य भवन में बिछा लाल कारपेट, जाने कितने हथियार, कैश और GOLD के साथ नक्सलियों ने छोड़ा जंगल ?

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By Sangani

जगदलपुर के शौर्य भवन में 108 नक्सलियों का ऐतिहासिक सरेंडर! 101 घातक हथियारों के साथ किया सरेंडर उनके पास इतने करोड़ रुपये कैश और इतना किलो सोना देखकर सुरक्षाबल भी रह गए दंग, जानिए बस्तर में लाल आतंक के इस बड़े अंत की पूरी कहानी और DGP अरुणदेव गौतम का बड़ा खुलासा पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद/जगदलपुर बस्तर के जंगलों से आज एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई है, जिसने पूरे देश को चौंका दिया है। संभाग मुख्यालय जगदलपुर का शौर्य भवन आज एक ऐतिहासिक आत्मसमर्पण का गवाह बना। यह सिर्फ सरेंडर नहीं था, बल्कि बस्तर में लाल आतंक की कमर टूटने का सबसे बड़ा प्रमाण था।

लाल कारपेट पर लाल आतंक का अंत

​जगदलपुर में आज नजारा कुछ अलग था। जिन रास्तों पर कभी बारूदी गंध आती थी, वहां आज नक्सलियों के स्वागत में लाल कारपेट बिछाया गया था। नक्सल प्रभावित अलग-अलग जिलों से कुल 108 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। प्रशासन ने उन्हें सम्मान के साथ समाज से जोड़ने के लिए भव्य इंतजाम किए थे।

हथियार, कैश और 1 किलो सोना सरेंडर की वो बातें जो होश उड़ा देंगी

​इस आत्मसमर्पण में सबसे रोमांचक पहलू वह सामान है जो नक्सली अपने साथ लेकर पहुंचे थे। सुरक्षाबलों और पुलिस प्रशासन के सामने जब नक्सलियों ने अपना ‘खजाना’ खोला, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं।

101 बड़े हथियार: नक्सलियों ने अपने साथ इंसास, एके-47 और एसएलआर जैसे 101 घातक हथियार सौंपे।

3.61 करोड़ रुपये नगद: सरेंडर करने पहुंचे नक्सलियों ने संगठन के पास जमा 3.61 करोड़ रुपये कैश भी पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

1 किलो शुद्ध सोना: सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि नक्सली अपने साथ 1 किलो सोना भी लेकर पहुंचे थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

44 महिला नक्सलियों ने भी छोड़ा जंगलों का साथ

​इस ऐतिहासिक सरेंडर में महिला नक्सलियों की भागीदारी ने भी सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है। आत्मसमर्पण करने वाले 108 नक्सलियों में 44 महिला नक्सली शामिल हैं। इन महिलाओं ने बस्तर की शांति के लिए हथियार डालने का फैसला किया है, जो आने वाले समय में नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

DGP अरुणदेव गौतम की प्रेस कॉन्फ्रेंस

​छत्तीसगढ़ के DGP अरुणदेव गौतम ने जगदलपुर में एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस ली। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह बस्तर के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ है। इतनी बड़ी मात्रा में कैश और सोने की बरामदगी यह दर्शाती है कि नक्सली संगठन अब आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है। शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की राह पर चलना चाहते हैं।

बस्तर में बदलाव की नई सुबह

​करोड़ों की नगदी और सोने के साथ हुए इस सरेंडर ने यह साफ कर दिया है कि अब बस्तर के युवाओं और ग्रामीणों का मोहभंग नक्सलवाद से हो चुका है। सरकार की लोन वर्राटू (घर वापस आइये) जैसी योजनाओं का असर जमीन पर दिखने लगा है। 101 बड़े हथियारों का कम होना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है।

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