गरियाबंद पथर्री गांव किडनी मामला 20 जगहों से लिया गया पानी का सैंपल और 30 से अधिक लोगों की जांच की गई ..जिसके बाद यह रिपोर्ट निकलकर आई ।

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By Sangani

गरियाबंद पथर्री गांव किडनी मामला के पथर्री गांव में अचानक क्यों पहुंची अफसरों की फौज? किडनी मरीजों की खबर से मचे हड़कंप के बीच क्या पानी में मिला है कोई साइलेंट किलर ? जानें प्रशासन की इस युद्ध स्तर की जांच का पूरा सच और क्या है ग्रामीणों में फैली दहशत की असली वजह ।

गरियाबंद जिले का एक शांत गांव पथर्री, रातों-रात चर्चा का केंद्र बन गया है। गांव की फिजाओं में घुले डर और प्रशासन की भारी हलचल ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कलेक्टर, CMHO और PHE विभाग के आला अधिकारियों को एक साथ इस गांव की गलियों में उतरना पड़ा?

गरियाबंद पथर्री गांव किडनी मामला

गरियाबंद पथर्री गांव किडनी मामला खौफ की दस्तक और युद्ध स्तर पर जांच

​गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब किडनी की बीमारी से जुड़े कुछ मामले सामने आए,खबर फैलते ही प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। युद्ध स्तर पर जांच अभियान शुरू किया गया है। शुरुआती डर यह था कि क्या गांव के पानी में कोई साइलेंट किलर मौजूद है?

​इसी सस्पेंस के बीच, PHE विभाग ने आनन-फानन में 20 अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने लिए। हर कोई इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहा था कि क्या पानी में फ्लोराइड जैसा कोई खतरनाक तत्व है?

राहत की खबर, लेकिन सस्पेंस अभी बाकी

​जांच के बाद एक राहत भरी खबर तो आई कि पानी के नमूनों में फिलहाल फ्लोराइड नहीं मिला है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। प्रशासन अभी किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं करना चाहता, इसलिए पानी की गहराई से जांच अब जिला स्तर के साथ-साथ उच्च स्तर पर भी कराई जाएगी।

क्या नया खतरा टल गया है?

​मेडिकल टीम ने अब तक गांव के 30 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली है। राहत की बात यह है कि इस दौरान किडनी का कोई भी नया मरीज नहीं मिला है। कलेक्टर ने खुद ग्रामीणों से अपील की है कि वे परेशान न हों और पैनिक न फैलाएं।

​स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं। पूरी रिपोर्ट आने तक सभी को धैर्य रखने की जरूरत है। भगवान सिंह उइके कलेक्टर गरियाबंद

अगली रिपोर्ट का इंतजार

​भले ही वर्तमान में स्थिति काबू में दिख रही हो, लेकिन पूरी जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। क्या यह महज एक इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई छिपा हुआ कारण? पथर्री गांव के लोग और जिला प्रशासन अब उस फाइनल रिपोर्ट की ताक में हैं जो इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाएगी।

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