खाद की ब्लैक कमाई पर कृषि विभाग का व्हाइट छापा पड़ा है, जिसमें 11 दुकानों की जांच कर 603 बोरी खाद जप्त की गई, पूरी खबर पढ़ें पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आगामी खेती के सीजन को देखते हुए खाद की कालाबाजारी, मुनाफाखोरी और अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर श्री भगवान सिंह उईके के कड़े निर्देश और उप संचालक कृषि चंदन रॉय के कुशल मार्गदर्शन में कृषि विभाग की विशेष टीम ने क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने विभिन्न विकासखंडों में संचालित 11 उर्वरक विक्रय केंद्रों पर अचानक दबिश दी, जिससे अवैध रूप से खाद का स्टॉक करने वाले और ऊंची कीमतों पर बेचने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया। इस औचक निरीक्षण के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 6 बड़े प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।

खाद की ब्लैक कमाई पर कृषि विभाग का व्हाइट छापा 6 केंद्रों में मापदंड का खुलेआम उल्लंघन
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सहायक संचालक कृषि एवं उर्वरक निरीक्षक अनिल कुमार कौशिक द्वारा 29 मई 2026 को विकासखण्ड फिंगेश्वर और छुरा के अंतर्गत आने वाले 11 उर्वरक केंद्रों की सघन जांच की गई। इस जांच के दौरान मेसर्स पारख कृषि केंद्र (लोहरसी), गगन कृषि केंद्र (लोहरसी), प्रकाश खाद भंडार (बासीन), गुरुकृपा कृषि केंद्र (बासीन), अन्नपूर्णा एग्रो एजेंसी (राजिम) और लक्ष्मी कृषि सेवा केंद्र (लोहझर, विकासखण्ड छुरा) में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इन सभी 6 केंद्रों द्वारा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के निर्धारित मापदंडों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कुल 603 बोरी खाद जप्त कर ली है और 265 बोरी खाद के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
कृषि विभाग ने जारी किया नोटिस
इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी 6 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही कृषि विभाग ने जिले के तमाम किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अधिकृत विक्रेता से निर्धारित शासकीय दर पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरक का क्रय करें। खाद की खरीदी करते समय दुकानदार से सामग्री का पक्का बिल आवश्यक रूप से प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी विक्रेता अनाधिकृत रूप से खाद का व्यवसाय करता है या तय कीमत से अधिक वसूलता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों को दी जाए।
अधिकारी बोले किसी भी शिकायत के लिए टोल फ्री नम्बर पर करे कॉल।
उप संचालक कृषि ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि शासन द्वारा खाद वितरण व्यवस्था की सतत और चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों अथवा भ्रामक खबरों पर बिल्कुल ध्यान न दें। किसानों को समय पर और उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेती-किसानी से जुड़ी किसी भी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए किसान भाई अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहकारी समिति अथवा सीधे जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नंबर 9977106777 और 7987538588 पर संपर्क कर सकते हैं। इस पूरी कार्रवाई से संबंधित विभागीय आदेश और आधिकारिक दस्तावेज देखने के लिए आप यहाँ क्लिक करके आधिकारिक पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।
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