इश्क के नाम पर खेला खेल,पहले कहा तुम्हारे बिना नहीं रह सकता, फिर शादी से मुकरा… अब 20 साल जेल में रहना पड़ेगा …

Sangani

By Sangani

इश्क के नाम पर खेला खेल गरियाबंद के देवभोग में नाबालिग को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी पुस्तम उर्फ गुड्डू यादव को फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई है। जानिए पूरा मामला पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नाबालिग बालिका को प्यार और शादी का झांसा देकर लगातार शोषण करने वाले आरोपी को आखिरकार कानून ने कड़ी सजा दी है। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एवं बलात्कार मामले) गरियाबंद ने आरोपी पुस्तम उर्फ गुड्डू यादव को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराध समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। अदालत ने अपने फैसले में अपराध की गंभीरता को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया,विशेष न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल ने यह एतिहासिक फैसला सुनाया ।

इश्क के नाम पर खेला खेल

इश्क के नाम पर खेला खेल गांव में हुई पहचान, फिर शुरू हुआ प्रेम जाल

अभियोजन पक्ष के वकील हरि नारायण त्रिवेदी के अनुसार आरोपी का पीड़िता के गांव में आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने नाबालिग बालिका से प्रेम का इजहार करते हुए कहा कि वह उससे बेहद प्यार करता है और शादी कर उसे अपनी पत्नी बनाएगा।
पीड़िता ने खुद को नाबालिग बताते हुए शादी से इंकार किया, लेकिन आरोपी लगातार उसे बहलाता-फुसलाता रहा। आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने पीड़िता के साथ कई बार जबरन दुष्कर्म किया।

जब शादी की बात आई तो आरोपी ने किया किनारा

मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने आरोपी से शादी करने की बात कही। आरोप है कि आरोपी ने अचानक शादी से इंकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता आरोपी के घर पहुंची, लेकिन वहां भी उसे अपमान का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि आरोपी के परिजनों ने पीड़िता को घर से बाहर निकाल दिया और घर में प्रवेश तक नहीं करने दिया। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अदालत में साबित हुआ अपराध

मामला सामने आने के बाद देवभोग थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 12 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अपराध सिद्ध हुआ।

न्यायालय ने सुनाई कड़ी सजा

विशेष न्यायालय की अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती गंगा पटेल ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अपराध की गंभीरता पर विचार करते हुए आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अन्य धाराओं के तहत भी सजा और जुर्माना लगाया गया।

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