गांजा तस्करी सीट में स्मार्ट जुगाड़ गरियाबंद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चौथी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 21 किलो गांजा जब्त किया,एक तस्कर ने बाइक की सीट को ही गांजे का गोदाम बना दिया, जबकि दूसरे मामले में स्विफ्ट कार की डिक्की से 16 किलो गांजा बरामद हुआ, पढ़िए पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद जिले में गांजा तस्कर अब तस्करी के लिए नए-नए जुगाड़ खोज रहे हैं। किसी ने मोटरसाइकिल की सीट को ही चलता-फिरता गोदाम बना दिया तो किसी ने स्विफ्ट कार की डिक्की को सुरक्षित समझ लिया। लेकिन शायद तस्करों को यह अंदाजा नहीं था कि पुलिस की नजरें अब सीट के अंदर और डिक्की के नीचे तक पहुंच चुकी हैं।गरियाबंद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर चौथी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में कुल 21 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

गांजा तस्करी सीट में स्मार्ट जुगाड़ बाइक की सीट बनी सीक्रेट लॉकर, लेकिन मुखबिर ने खोल दिया राज
पहला मामला गरियाबंद थाना क्षेत्र का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक बाइक के जरिए गांजा लेकर जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को रोका।शुरुआती जांच में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन पुलिस को सीट पर संदेह हुआ। जब सीट को खोलकर देखा गया तो पुलिस भी कुछ पल के लिए हैरान रह गई। बाइक की सीट से फोम पूरी तरह निकालकर उसकी जगह करीब 5 किलो 500 ग्राम गांजा भरा गया था और सीट को दोबारा सिल दिया गया था, ताकि किसी को शक न हो।जब्त गांजे की कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है।
स्विफ्ट कार की डिक्की में मिला काला माल, दो आरोपी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई छुरा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस को सूचना मिली कि एक स्विफ्ट कार में गांजा ले जाया जा रहा है।वाहन की जांच के दौरान डिक्की से 16 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी गांजे की तस्करी के उद्देश्य से उसे वाहन में छिपाकर ले जा रहे थे।
24 घंटे में चौथी कार्रवाई, तस्करों में बढ़ी बेचैनी
गरियाबंद पुलिस की लगातार कार्रवाई से जिले में सक्रिय गांजा तस्करों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इससे पहले भी पिछले 24 घंटे के दौरान पुलिस ने दो अन्य मामलों में करीब 5 लाख 48 हजार रुपए मूल्य का गांजा जब्त किया था। उन मामलों में एक विधि से संघर्षरत बालक सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।लगातार हो रही कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि पुलिस अब तस्करों के हर नए तरीके पर नजर बनाए हुए है। लगता है तस्करों ने फिल्मों से प्रेरणा लेकर हाइड एंड सीक का नया संस्करण शुरू कर दिया है।
किसी ने सीट को तिजोरी बना दिया तो किसी ने डिक्की को गोदाम
लेकिन एक बात साफ हो गई जुगाड़ कितना भी आधुनिक क्यों न हो, अगर कानून की नजर पड़ जाए तो पूरी कहानी सड़क पर आ ही जाती है।पुलिस की सतर्कता बनी बड़ी चुनौती पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है और संदिग्ध वाहनों की नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।