गरियाबंद के खट्टी गांव में तालाब में नहा रही 6 साल की बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया, 6 दिन में यह तीसरी घटना है। बच्ची का इलाज जिला अस्पताल में जारी पढ़ें पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर
गरियाबंद जिले में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 5 दिनों में लगातार तीसरी बार तेंदुए ने मासूम बच्चों को निशाना बनाया है। इस बार मामला जिले के खट्टी गांव से सामने आया है, जहां तालाब में नहा रही 6 साल की बच्ची पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

तालाब में नहाने के दौरान घात लगाए तेंदुए ने किया हमला
बताया जा रहा है कि खट्टी गांव में मुर्गी फार्म के पीछे स्थित तालाब में बच्ची नहा रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया। अचानक हुए हमले से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। बच्ची की चीख सुनकर परिजन और ग्रामीण दौड़े, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। इस दौरान गरियाबंद के कुछ जागरूक युवाओं ने बच्ची और उसके परिजनों को तत्काल इलाज के लिया जिला अस्पताल पहुंचाया ।
बच्ची के गले में कई जगहों पर तेंदुए के दांत और नाखून के निशान
हमले में बच्ची की गर्दन पर कई जगहों पर तेंदुए के दांत और नाखून के गहरे निशान आए हैं। घायल मासूम को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया जा रहा है लेकिन घटना के बाद परिवार सदमे में है।
6 दिन में तीसरा हमला, गांवों में दहशत
गरियाबंद जिले में लगातार हो रहे तेंदुए के हमलों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। इससे पहले 6 दिन पहले चट्टान पारा और पंटोरा में दो अलग-अलग घटनाओं में 5 साल और 10 साल के मासूम बच्चों पर तेंदुए ने हमला किया था। उस समय परिजनों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को तेंदुए के चंगुल से बचाया था।
अब तीसरी घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। लोग शाम होते ही बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं।
वन विभाग अलर्ट, चट्टान पारा में लगाया गया पिंजरा
लगातार बढ़ते हमलों के बाद वन विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग ने चट्टान पारा इलाके में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल तथा सुनसान इलाकों में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।
लगातार घटित घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ पिंजरा लगाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इलाके में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। लोगों का आरोप है कि तेंदुआ अब गांवों के बेहद करीब पहुंच चुका है और मासूम बच्चों को लगातार निशाना बना रहा है।