गांजा तस्करी कॉरिडोर गरियाबंद में गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर सरकार की नजर,2026-2029 की कार्ययोजना के तहत तस्करों की संपत्ति कुर्क होगी। पांच जिलों में 1,349 प्रकरण दर्ज पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला एक बार फिर गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को लेकर चर्चा में है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए देश के दूसरे राज्यों तक पहुंचने वाली गांजा तस्करी की सप्लाई चेन पर अब सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसके लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसके तहत नशे के उत्पादन से लेकर परिवहन, आपूर्ति और बिक्री तक जुड़े पूरे नेटवर्क को निशाने पर लिया जाएगा। खास बात यह है कि इस कार्रवाई में गरियाबंद सहित रायपुर ग्रामीण, महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार जिले भी शामिल हैं।

गांजा तस्करी कॉरिडोर गरियाबंद समेत पांच जिलों में दर्ज हुए 1,349 प्रकरण
प्रकाशित रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर ग्रामीण समेत बलौदाबाजार, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले में ड्रग्स से जुड़े कुल 1,349 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि इन जिलों में नशे के अवैध कारोबार का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ है। गरियाबंद की भौगोलिक स्थिति भी इस मामले में महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिले की सीमाएं ओडिशा से जुड़ती हैं और तस्करी के लिए अंतरराज्यीय रास्तों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका लंबे समय से बनी हुई है।
तीन साल की कार्ययोजना, संपत्ति पर भी होगी कार्रवाई
नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) के तहत अब केवल गांजा पकड़ने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति कुर्क करने और तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को राजसात कर नीलाम करने की भी तैयारी है। यानी नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी अभियान का हिस्सा होगी।
2026 में 11 हजार किलो से अधिक गांजा जब्त
रिपोर्ट में उल्लेखित आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में रायपुर ग्रामीण, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार क्षेत्र में कुल 11,068.988 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। यह मात्रा तस्करी के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करती है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, ओडिशा से महासमुंद-रायपुर और गरियाबंद-धमतरी होते हुए गांजा देश के 15 से अधिक राज्यों तक पहुंचाया जा रहा है। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, दमन-दीव, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्य शामिल हैं।
2026 में अगस्त तक 296 मामले दर्ज
वर्षवार आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में 490, वर्ष 2025 में 563 और वर्ष 2026 में अगस्त तक 296 प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं 2025 से 15 जून 2026 के बीच गांजा तस्करी के 970 मामले दर्ज कर 1,975 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 32,249.81 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया।
गरियाबंद के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
ओडिशा सीमा से लगे गरियाबंद जिले में गांजा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और सीमावर्ती इलाकों में अवैध कारोबार पर रोक लगाने से भी जुड़ा है। अब देखना होगा कि तीन वर्षीय कार्ययोजना के तहत पुलिस और संबंधित एजेंसियां तस्करी के नेटवर्क, इसके आर्थिक मददगारों और सप्लाई चेन पर कितनी प्रभावी कार्रवाई कर पाती हैं।