गरियाबंद में भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर के बाद पूर्व विधायक गोवर्धन मांझी का WhatsApp कथित तौर पर हैक हुआ,लोगों से 28 हजार रुपए मांगने के मैसेज भेजे जा रहे हैं।
गरियाबंद जिले में आखिर भाजपा नेताओं के मोबाइल फोन को कौन निशाना बना रहा है? शनिवार को भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का फोन हैक होने की खबर अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब बिंद्रानवागढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी का WhatsApp भी कथित तौर पर साइबर ठगों के निशाने पर आ गया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि गोवर्धन मांझी के नंबर से परिचित लोगों को सीधे पैसे मांगने के मैसेज भेजे जा रहे हैं। मैसेज का अंदाज ऐसा है कि पहली नजर में कोई भी करीबी या परिचित व्यक्ति भरोसा कर बैठे।

28 हजार की जरूरत है… नेटवर्क इश्यू है, एक घंटे में लौटा दूंगा
गोवर्धन मांझी के WhatsApp से लोगों के पास आ रहे मैसेज में 28 हजार रुपए की जरूरत बताई जा रही है। मैसेज में लिखा जा रहा है कि फिलहाल ‘नेटवर्क इश्यू’ है और रकम एक घंटे के भीतर वापस कर दी जाएगी।
यानी साइबर ठगों ने केवल नंबर या WhatsApp को निशाना नहीं बनाया, बल्कि पैसे मांगने के लिए ऐसी कहानी तैयार की, जिसमें जल्दबाजी, जरूरत और भरोसा—तीनों का इस्तेमाल किया गया है।
शनिवार को अनिल चंद्राकर, अब गोवर्धन मांझी… क्या भाजपा नेता हैं निशाने पर?
इस पूरे मामले ने इसलिए भी सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि शनिवार को ही भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का फोन हैक होने का मामला सामने आया था। अब इसके ठीक बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक गोवर्धन मांझी के नंबर से पैसे मांगने वाले मैसेज आना कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे रहा है।
क्या यह महज संयोग है या फिर गरियाबंद में किसी साइबर गिरोह ने राजनीतिक नेताओं और उनके संपर्कों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है? फिलहाल इस सवाल का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा, लेकिन लगातार दो भाजपा नेताओं से जुड़े ऐसे मामले सामने आने के बाद सतर्कता जरूरी हो गई है।
परिचित नंबर देखकर पैसे भेजे तो खाली हो सकता है खाता
साइबर ठगी का यह तरीका बेहद शातिर है। ठग किसी परिचित या प्रभावशाली व्यक्ति के WhatsApp अकाउंट या पहचान का इस्तेमाल कर उसके संपर्क में मौजूद लोगों से अचानक आर्थिक मदद मांगते हैं। रकम भी ऐसी रखी जाती है, जिसे कई लोग बिना ज्यादा पूछताछ किए भेज सकते हैं।
ऐसे में किसी भी परिचित, नेता, अधिकारी या रिश्तेदार के नंबर से अचानक पैसे मांगने का मैसेज आए तो रकम ट्रांसफर करने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
गरियाबंद में एक के बाद एक भाजपा नेताओं से जुड़े
WhatsApp और फोन हैकिंग के मामले ने अब साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा अलार्म बजा दिया है। सवाल बस इतना है हैकर का अगला निशाना कौन?
गोवर्धन मांझी ने किया अलर्ट पैसे मांगने वाले मैसेज पर न करें भरोसा
पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन मांझी ने मामले को लेकर लोगों को सतर्क किया है। उन्होंने बताया कि उनका फोन हैक हो गया है और उनके नंबर से लोगों को पैसे मांगने के मैसेज भेजे जा रहे हैं। गोवर्धन मांझी ने स्पष्ट कहा कि यदि उनके नाम या मोबाइल नंबर से किसी भी व्यक्ति के पास पैसे की मांग वाला मैसेज आता है तो किसी भी खाते या ऑनलाइन माध्यम से रकम ट्रांसफर न करें। उन्होंने परिचितों और समर्थकों से ऐसे मैसेज को नजरअंदाज करने और सतर्क रहने की अपील की है।