झीरम घाटी फैसला, दीपक बैज ने NIA जांच पर उठाए सवाल, बोले राजनीतिक षडयंत्र था कांड, देखें पूरा वीडियो ।

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By Sangani

झीरम घाटी कांड में NIA कोर्ट के फैसले के बाद दीपक बैज ने जांच पर सवाल उठाए, बोले कांड राजनीतिक षडयंत्र और सुपारी किलिंग था।देखें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद Jhiram Valley Case छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी कांड में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। 13 साल पुराने मामले में अदालत ने बचे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब इस फैसले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने NIA की जांच और अदालत में पहुंचे आरोपियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दीपक बैज बोले,झीरम कांड सुपारी किलिंग था

NIA कोर्ट के फैसले के बाद दीपक बैज ने कहा कि झीरम घाटी कांड सिर्फ नक्सली हमला नहीं, बल्कि एक राजनीतिक षडयंत्र और सुपारी किलिंग था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए राजनीतिक नेताओं की हत्या की गई थी।

बैज ने NIA की जांच को भी आधा-अधूरा बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर इस बड़े हमले के पीछे मौजूद कथित बड़े नक्सली नेताओं तक जांच क्यों नहीं पहुंची।

10 आरोपियों को बस्तर का कोई जनप्रतिनिधि नहीं जानता

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि जिन 10 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया और जिनके खिलाफ कार्रवाई हुई, उन्हें बस्तर का कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं जानता।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े हमले की साजिश को अंजाम देने की क्षमता केवल इन आरोपियों तक सीमित थी?

बैज के मुताबिक, आदिवासी और छोटे स्तर के नक्सलियों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया, जबकि झीरम घाटी जैसे बड़े हमले को अंजाम देने वाले बड़े नक्सली लीडरों की भूमिका पर पर्याप्त जांच नहीं हुई।

बड़े नक्सली नेताओं के नाम क्यों नहीं?’

दीपक बैज ने दावा किया कि झीरम घाटी हमले में कई बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका की बात सामने आई थी। उनका सवाल है कि उनके नाम आरोपियों की सूची में क्यों नहीं हैं?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बड़े नक्सली नेताओं के नाम पहले अपराध में दर्ज किए जाते हैं और बाद में हटा दिए जाते हैं। बैज ने सरकार से सवाल किया कि हाल में सरेंडर करने वाले नक्सलियों से क्या झीरम घाटी कांड को लेकर पूछताछ की गई?

13 साल बाद फैसला, फिर भी उठ रहे सवाल

25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी और 38 लोग घायल हुए थे। NIA ने 2013 में जांच अपने हाथ में लेने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया था और आगे की जांच भी जारी रहने की बात दर्ज की थी।

अब 13 साल बाद अदालत ने मामले में बचे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। हालांकि, दीपक बैज के सवालों ने इस फैसले के बाद झीरम घाटी कांड की जांच और उसके पीछे की कथित साजिश को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज कर दी है।

देखिए दीपक बैज ने फैसले के बाद क्या कहा?

झीरम घाटी कांड के फैसले के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने NIA जांच पर क्या-क्या सवाल उठाए? उन्होंने किन बड़े नक्सली नेताओं का नाम लिया और क्यों इसे राजनीतिक षडयंत्र और सुपारी किलिंग बताया? जानने के लिए देखें दीपक बैज का पूरा वीडियो..

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