बिजली बिल पर सियासत गरम राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला ने बिजली बिल वृद्धि, स्मार्ट मीटर और भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता की जाने क्या बोले पूर्व विधायक ।

गरियाबंद छत्तीसगढ़ में बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर आम जनता, किसानों और छोटे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
अमितेश शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उनके अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के कृषि पंपों की बिजली भी महंगी कर दी गई है।

बिजली बिल पर सियासत गरम, बिजली बिल हाफ योजना बंद, अब जनता को झटका
पूर्व विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी, जिससे आम लोगों को राहत मिलती थी। लेकिन भाजपा सरकार ने पहले योजना बंद की और अब लगातार बिजली दरों में इजाफा कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार जनता को राहत देने की बजाय बिजली के झटके देने में ज्यादा व्यस्त नजर आ रही है। गरियाबंद में प्रेस वार्ता के दौरान बोले राज्य विधायक अगर हमारी सरकार आएगी तो हम सारे स्मार्ट मीटर को उखाड़ फेंकेंगे ।
स्मार्ट मीटर पर भी उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में अमितेश शुक्ला ने स्मार्ट मीटरों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसतन तीन गुना तक बढ़ गए हैं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी भरकम बिल मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ताओं को एक ही महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग बिल भेजे जा रहे हैं। साथ ही बिना सहमति के अनुबंध भार (लोड) बढ़ाने और अतिरिक्त शुल्क जोड़ने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
24 घंटे बिजली नहीं, लेकिन बिल तीन गुना
अमितेश शुक्ला ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक ओर लोग बिजली कटौती से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जून माह में लाखों उपभोक्ताओं के बिल औसतन तीन गुना तक बढ़े हैं, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है।
उत्तर प्रदेश का उदाहरण देकर घेरा
पूर्व विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर उठे सवालों के बाद वहां की सरकार को भी फैसले पर पुनर्विचार करना पड़ा। उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ सरकार भी जनहित में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की समीक्षा करे और उपभोक्ताओं को राहत दे।
अमितेश बोले पार्टी का संदेश भी साफ
अमितेश बोले बिजली बिल और स्मार्ट मीटर का मुद्दा आने वाले समय में विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बन सकता है। अमितेश शुक्ला की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी कांग्रेस के उस अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए वह बढ़ती महंगाई, बिजली दरों और जनसुविधाओं के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।