गरियाबंद में अब सेल्फी नहीं समझदारी भी दिखाइये एसपी वेदव्रत सिरमौर ने चींगरापगार, जतमई, घटारानी और भूतेश्वर नाथ का निरीक्षण किया। हुड़दंगियों और नशा करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद बरसात का मौसम आते ही गरियाबंद के चींगरापगार, जतमई, घटारानी और भूतेश्वर नाथ जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगती है। खूबसूरत वादियों के बीच अक्सर कुछ लोग ऐसे भी पहुंच जाते हैं जो घूमने से ज्यादा हुड़दंग मचाने, शराब और नशे का सेवन करने या सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए खतरनाक स्टंट करने में दिलचस्पी दिखाते हैं।
ऐसे लोगों के लिए गरियाबंद पुलिस ने अब साफ संदेश दे दिया है पर्यटन स्थल मौज-मस्ती के लिए हैं, कानून तोड़ने के लिए नहीं।
इसी सोच के साथ गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने चींगरापगार, जतमई, घटारानी और विश्व प्रसिद्ध प्राकृतिक शिवलिंग भूतेश्वर नाथ पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

गरियाबंद में अब सेल्फी नहीं ‘व्यू’ कमाइए, लेकिन मर्यादा में रहकर और कानून मत तोड़िए
बीते कुछ समय में पर्यटन स्थलों से खतरनाक स्टंट, शराबखोरी और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी माना जा रहा है।
व्यंग्य यही है कि आजकल कुछ लोग प्राकृतिक सुंदरता देखने कम और मोबाइल कैमरे के लिए जोखिम उठाने ज्यादा पहुंचते हैं। लेकिन अब पुलिस का कहना है कि रील बनाइए, यादें बनाइए, लेकिन कानून तोड़कर नहीं।
अब नशा और हुड़दंग करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान एसपी वेदव्रत सिरमौर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों पर शांति भंग करने वाले, शराब या अन्य नशे का सेवन करने वाले तथा दूसरे पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा में बाधा बनने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस बल को निर्देशित किया कि ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर विधिसम्मत कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
एसपी ने संबंधित थाना प्रभारियों को नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करने तथा महिलाओं, बच्चों और परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरियाबंद आने वाला हर पर्यटक सुरक्षित वातावरण में जिले की प्राकृतिक और धार्मिक धरोहरों का आनंद ले सके, यह पुलिस की प्राथमिकता है।
बरसात के मौसम में पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से पर्यटकों में सुरक्षा की भावना और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सिर्फ पुलिस नहीं, जनता की भी जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों और पर्यटकों से भी अपील की कि पर्यटन स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा न फैलाएं, प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान न पहुंचाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
दरअसल, किसी भी पर्यटन स्थल की पहचान केवल उसकी प्राकृतिक खूबसूरती से नहीं, बल्कि वहां आने वाले लोगों के व्यवहार से भी बनती है। यदि पर्यटक जिम्मेदारी निभाएंगे तो गरियाबंद की पहचान एक सुरक्षित और स्वच्छ पर्यटन जिले के रूप में और मजबूत होगी।
पर्यटन का असली आनंद जिम्मेदारी के साथ
गरियाबंद के झरने, पहाड़ और धार्मिक स्थल प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं। इन स्थानों पर घूमने आने वाले हजारों पर्यटक अच्छी यादें लेकर लौटें, यही प्रशासन और पुलिस की मंशा है। पुलिस का यह अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं बल्कि लोगों में जिम्मेदार पर्यटन की संस्कृति विकसित करने की पहल भी है।
याद रखिए पर्यटन स्थल आपकी मस्ती के लिए हैं, लेकिन किसी और की परेशानी बनने के लिए नहीं।