महिला आरक्षण बिल रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर गरियाबंद जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने गरियाबंद कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला आरक्षण को लेकर जानकारी साझा की जाने क्या है पूरा मामला ।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आज जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने जिला स्तरीय पत्रकारवार्ता को संबोधित किया इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश की महिलाओं के साथ भ्रम फैलाने और अन्याय करने का आरोप लगाया ।
भाजपा का असली उद्देश्य महिला आरक्षण नहीं परिसीमन
जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि भाजपा द्वारा यह झूठ फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया । जबकि सच तो यह है कि भाजपा कुछ राज्यों में होने वाले चुनाव में इसका फायदा उठाना चाहती है उन्होंने प्रेस वार्ता में निम्नलिखित प्रमुख बातें रखीं भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल पास करवाना चाहती थी

महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन करना चाहती है भाजपा
संसद में जो विधेयक गिरा उसमें लोकसभा परिसीमन की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था भाजपा 2011 की पुरानी जनगणना को आधार मानकर परिसीमन करना चाहती है जबकि 2026 27 की जनगणना शुरू हो चुकी है सरकार महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय परिसीमन का इंतजार क्यों कर रही है
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है वह वास्तव में 2036 से प्रभावी होगा जबकि संशोधन से इसे तुरंत लागू किया जा सकता था
कांग्रेस ही महिला आरक्षण की सच्ची समर्थक
सुखचंद बेसरा ने कहा कि पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को मिल रहा आरक्षण कांग्रेस की ही देन है राजीव गांधी ने 1989 में पहली बार पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का विधेयक पेश किया था अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के प्रयासों से यह कानून बना जिससे आज देशभर में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं डॉ मनमोहन सिंह की सरकार ने भी 2010 में राज्यसभा से महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया था जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का षड़यंत्र विफल होने के बाद अब वह पूरे देश में भ्रम फैला रही है जिसे कांग्रेस जनता के बीच उजागर करेगी ।