तेंदुए की मौत बछड़े का शव मिलने के अगले दिन उसी सेप्टिक टैंक में मिला तेंदुआ, शिकार के दौरान कैसे हुआ हादसा ? वन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आई पूरी कहानी पढ़ें पूरी खबर।
गरियाबंद एक दिन पहले सेप्टिक टैंक के गड्ढे में मिला बछड़े का शव और अगले दिन उसी जगह मृत अवस्था में मिला तेंदुआ। जंगल के इस शिकारी के साथ आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसकी जान चली गई? छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सामने आई इस घटना ने हर किसी को चौंका दिया है। वन विभाग की शुरुआती जांच में जो कहानी सामने आई, वह शिकार की कोशिश के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे की है। बछड़े को पकड़ने के चक्कर में एक बुजुर्ग तेंदुआ खुद ही मौत के गड्ढे में जा गिरा।

तेंदुए की मौत एक दिन पहले मिला बछड़ा, अगले दिन सामने आया तेंदुए का शव
मामला सड़क परसुली वन परिक्षेत्र के कूड़ेरादादर का है। वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, यहां एक सेप्टिक टैंक के गड्ढे से एक दिन पहले बछड़े का शव बरामद किया गया था। इस घटना के अगले ही दिन, सोमवार को उसी सेप्टिक टैंक में तेंदुए का शव मिलने की सूचना सामने आई।
एक ही गड्ढे में दो अलग-अलग दिनों में बछड़े और तेंदुए का शव मिलने से मामला चर्चा में आ गया। शुरुआती तौर पर यह सवाल उठ रहा था कि आखिर दोनों की मौत कैसे हुई और तेंदुआ सेप्टिक टैंक के गड्ढे तक कैसे पहुंचा?
बछड़े का शिकार करने की कोशिश में हुआ हादसा
वन विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया कि तेंदुआ बछड़े का शिकार करने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान बछड़े को पकड़ने की कोशिश में वह दुर्घटनावश सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिर गया। गड्ढे में गिरने के कारण उसकी मौत हो गई।
इस घटना में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया कि तेंदुआ काफी उम्रदराज था। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उसकी उम्र अधिक हो चुकी थी। हालांकि, शुरुआती जांच में मौत की वजह गड्ढे में गिरना बताई गई है।
पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने किया अंतिम संस्कार
सोमवार को तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद वन विभाग ने निर्धारित नियमों के तहत कूड़ेरादादर में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
राजिम वन विभाग के एसडीओ मनोज चंद्राकर के अनुसार, मृत तेंदुआ बुजुर्ग हो चुका था। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।
खुले गड्ढे वन्यजीवों के लिए बन सकते हैं खतरा
इस घटना ने जंगल और उसके आसपास मौजूद खुले गड्ढों की सुरक्षा पर भी ध्यान खींचा है। वन्यजीव भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में खुले सेप्टिक टैंक, कुएं और अन्य असुरक्षित गड्ढे उनके लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
बछड़े का शिकार करने निकले तेंदुए की मौत की यह घटना एक दर्दनाक अंत के रूप में सामने आई है। जंगल का शिकारी अपने शिकार तक पहुंचने की कोशिश में खुद ही हादसे का शिकार हो गया।
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