जाने कौन है गरियाबंद का विवादास्पद चेहरा इरफान वारसी गांधी मैदान में वारसी ट्रेडर्स के संचालक पर जालसाजी, तीन तलाक, अवैध खनन और पत्रकार से मारपीट जैसे कई संगीन आरोप दर्ज हैं। देखें पूरा कच्चा चिट्ठा पैरी टाईम्स पर ।
गरियाबंद कहते हैं कि हुनरमंद इंसान हर जगह अपना रास्ता बना लेता है, लेकिन गरियाबंद के गांधी मैदान में रहने वाले इरफान वारसी ने तो मल्टी-टास्किंग की परिभाषा ही बदल दी है। सफेदपोश व्यापारी का चोला ओढ़े इस शख्स के पास डिग्रियों की कमी हो सकती है, लेकिन इनके नाम पर पुलिस फाइलों में दर्ज उपलब्धियों की कोई कमी नहीं है। जालसाजी के आरोपों से लेकर तीन तलाक और पत्रकारों से अभद्रता के मामलों तक बहुमुखी प्रतिभा के धनी इरफान साहब ने हर विवाद में अपना नाम दर्ज कराया है।

जाने कौन है गरियाबंद का विवादास्पद चेहरा इरफान वारसी कथित शराफत और अवैध उत्खनन का खेल
इरफान वारसी गांधी मैदान में जो वारसी ट्रेडर्स के नाम से अपनी फर्म चलाते हैं, खुद को शहर का रसूखदार व्यापारी बताते हैं। लेकिन उनके इस व्यापारिक रसूख पर तब सवाल उठते हैं जब खनिज विभाग उनकी जेसीबी और हाइवा गाड़ियों को अवैध खनन के संदेह में धर दबोचती है। हैरानी की बात यह है कि एक बार वाहन पकड़े जाने और छूटने के बाद, वह फिर से पांडुका जैसे थानों में बिना रॉयल्टी के गिट्टी ढोते हुए पाए जाते हैं। इसे अटूट साहस कहें या नियमों की अनदेखी, यह तो जांच का विषय है।
एक हाथ में फोन, दूसरे में रिकॉर्डिंग का हथियार
सूत्रों की मानें तो इरफान वारसी का फोन किसी जासूसी डेटाबेस से कम नहीं है। चर्चा है कि पूर्व पत्नी से लेकर कई अधिकारियों और पत्रकारों की कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद रहती है, जिन्हें वे कथित तौर पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। शायद साहब को लगता है कि रिकॉर्डिंग के दम पर वे अपनी मर्जी की सल्तनत चला सकते हैं।
विवादों का लंबा सफर तीन तलाक से किडनैपिंग के आरोप तक
इरफान वारसी के साथ जुड़े विवादों की सूची काफी लंबी है।कांकेर का मामला: अपनी पत्नी को तीन तलाक देने और दहेज का सामान वापस न करने के आरोपों में इन पर मामला दर्ज है। पत्रकार से विवाद महाशय पर एक पत्रकार को किडनैप करने और मारपीट कर वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं, जिसके चलते इन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। पुराना रिकॉर्ड 25 नवंबर 2011 को गरियाबंद में इन पर IPC की धारा 419, 468, 469 और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज हुआ था। यानी धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों से इनका नाता काफी पुराना है।
प्रशासन का डंडा भी चलते रहता है
कोदोबतर में नेशनल हाईवे के किनारे बिना किसी अनुमति के ट्रैक्टर-ट्राली का व्यवसाय खोलकर बैठे इरफान के इस गैरकानूनी स्टार्टअप पर आरटीओ विभाग ने शिकायत के बाद 5 हजार का जुर्माना करते हुए ताला जड़ दिया है। कुल मिलाकर, ठेकेदारी और वाहनों के कारोबार की आड़ में विवादों का जो घेरा इरफान वारसी के इर्द-गिर्द बुना गया है, वह अब धीरे-धीरे कानून की जद में आ रहा है। देखना यह है कि रिकॉर्डिंग और सफेदपोश दिखावे का यह किला कानूनी कार्यवाही के सामने और कितने दिन टिक पाता है।