नागाबुडा में बच्चों ने संभाली समाज सुधार की कमान, जहां बड़े नहीं माने, वहां नुक्कड़ नाटक ने दिखाई राह ट्रैफिक नियमों पर स्कूली बच्चों का संदेश बना चर्चा का विषय ।

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By Sangani

नागाबुडा में बच्चों ने संभाली समाज सुधार की कमान स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के खिलाफ और यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया, गरियाबंद पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग पहल की सराहना पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद अक्सर देखा जाता है कि गांव की चौपालों से लेकर शहर की सड़कों तक बड़े-बुजुर्ग नशे और यातायात नियमों पर लंबी-लंबी बातें करते नजर आते हैं, लेकिन जब पालन की बारी आती है तो हेलमेट घर में और समझदारी भाषणों में ही रह जाती है। ऐसे माहौल में ग्राम नागाबुडा के स्कूली बच्चों ने वह कर दिखाया, जो कई जागरूकता अभियानों से भी नहीं हो पाता। गरियाबंद पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग पहल के तहत ।

आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्प्रभाव और यातायात नियमों के महत्व को इतने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर होना पड़ा।

नागाबुडा में बच्चों ने संभाली समाज सुधार की कमान

नागाबुडा में बच्चों ने संभाली समाज सुधार की कमान,बच्चों के अभिनय ने दिखाया नशे का कड़वा सच

नुक्कड़ नाटक में छात्रों ने एक ऐसे परिवार की कहानी दिखाई, जो नशे की लत के कारण धीरे-धीरे बर्बादी की ओर बढ़ जाता है। बच्चों के संवाद और अभिनय ने यह स्पष्ट कर दिया कि नशा केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को निगल जाता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना की और नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया।

हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, जिंदगी बचाने के लिए भी है

नाटक में बिना हेलमेट वाहन चलाने, सीट बेल्ट न लगाने और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों को भी जीवंत तरीके से दिखाया गया। बच्चों ने अपने अभिनय से यह संदेश दिया कि सड़क पर की गई छोटी सी गलती कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है।
ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई।

सामुदायिक पुलिसिंग का असर,पुलिस और जनता के बीच बढ़ा भरोसा

कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज निर्माण का अभियान है। जब बच्चे स्वयं जागरूकता की जिम्मेदारी उठाते हैं तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, नशे से दूर रखें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

गांव की चौपाल से निकला बड़ा संदेश

ग्राम नागाबुडा में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं था, बल्कि यह संदेश भी था कि समाज में बदलाव लाने के लिए उम्र नहीं, सोच बड़ी होनी चाहिए। जिन मुद्दों पर बड़े अक्सर बहस करते हैं, उन पर बच्चों ने मंच से समाधान का रास्ता दिखाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में सरपंच, पंच, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन तथा पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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