राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासी घमासान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP-RSS पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से जवाब, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग की पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद राम मंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं के चढ़ावे को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निशाने पर लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस ने दावा किया कि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए चंदे और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही अब तक तय नहीं हुई है। पार्टी का कहना है कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो इस्तीफे और गिरफ्तारियों की नौबत क्यों आई।

राम मंदिर चंदा विवाद पर सियासी घमासान प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और प्रशासनिक फैसलों में केंद्र सरकार की भूमिका रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे मामले पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई। कांग्रेस ने कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े विषय पर पारदर्शिता आवश्यक है।
कांग्रेस ने उठाए कई बड़े सवाल
कांग्रेस ने प्रेस वार्ता में कई सवाल सार्वजनिक किए। इनमें ट्रस्ट के गठन की जवाबदेही, कथित वित्तीय अनियमितताओं, शीर्ष पदाधिकारियों पर कार्रवाई, इस्तीफों के कारण तथा जांच की निष्पक्षता जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा बोले राम मंदिर मामले में की जा रही कार्रवाई केवल दिखावा
इस पूरे मामले को लेकर जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा बोले कि राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में भाजपा पक्षपात कर रही है राम मंदिर हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इस मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी में शामिल लोगों को बचा रही है । जो बड़े लोग है भाजपा और आरएसएस से जिनके संबंध है उनको संरक्षण दिया जा रहा है और छोटे छोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही का दिखावा कर रही है कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जिम्मेदारी से भागने की कोशिश कर रहे है ।
ये हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक जवाब दें।
कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर और गिरफ्तारी हो।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।
वर्तमान ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित किया जाए।
चंदे और चढ़ावे का स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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