4 घंटे की जंग अंधेरी रात और मौत का सैलाब… आखिर 5 जिंदगियों पर भारी क्यों नहीं पड़ सकी बाढ़? नगर सेना ने रचा रेस्क्यू का नया इतिहास 3 सौ गाय अभी भी गौठान में फंसी ।

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By Sangani

4 घंटे की जंग अंधेरी रात और मौत का सैलाब गरियाबंद के सुहागपुर में बाढ़ के बीच गौशाला में फंसे 5 लोगों को नगर सेना ने 4 घंटे चले देर रात रेस्क्यू ऑपरेशन में सुरक्षित बाहर निकाला। तेज बहाव और अंधेरे के बीच चला हाई-रिस्क मिशन सफल रहा पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे गरियाबंद जिले को संकट में डाल दिया है। कई गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं, सड़क संपर्क टूट गया है और नदियां-नाले उफान पर हैं। इसी बीच ग्राम पंचायत सुहागपुर से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने कुछ घंटों के लिए हर किसी की सांसें रोक दीं। बाढ़ के बीच गौशाला में दोपहर से फंसा एक परिवार मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रहा था।

4 घंटे की जंग अंधेरी रात और मौत का सैलाब

4 घंटे की जंग अंधेरी रात और मौत का सैलाब,तेज बहाव अंधेरा भी नहीं रोक सका रेस्क्यू टीम का जज्बा

चारों ओर पानी का तेज बहाव था, अंधेरा लगातार बढ़ रहा था और हर गुजरता मिनट खतरे को और बड़ा बना रहा था। शाम करीब 5 बजे इसकी सूचना जिला प्रशासन और नगर सेना की टीम तक पहुंची। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि घटनास्थल तक पहुंचा कैसे जाए। गौशाला तक की दूरी लगभग आधा किलोमीटर थी, जहां तक पैदल पहुंचना असंभव हो चुका था। चारों ओर सिर्फ उफनता पानी दिखाई दे रहा था।नगर सेना की टीम ने तुरंत रेस्क्यू बोट मंगवाई और देर शाम शुरू हुआ वह अभियान, जिसने गरियाबंद जिले के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। यह पहला अवसर था जब जिले में देर रात हाई-रिस्क फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

अंधेरी रात, तेज बहाव और कई बार बंद हुई बोट… हर पल बढ़ता रहा रोमांच

रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। रात पूरी तरह उतर चुकी थी। आसपास कहीं भी रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि बोट को नियंत्रित करना भी चुनौती बन गया। नगर सेना की टीम को आधे किलोमीटर से अधिक की दूरी बाढ़ के तेज बहाव के बीच तय करनी पड़ी।ऑपरेशन के दौरान कई बार बोट बीच पानी में बंद हो गई। एक पल के लिए ऐसा लगा कि मिशन और मुश्किल हो सकता है, लेकिन दूसरी ओर किनारे पर मौजूद नगर सेना के जवान लगातार टॉर्च की रोशनी से दिशा दिखाते रहे। अंधेरे और तेज धारा के बीच टीम ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार आगे बढ़ती रही।करीब चार घंटे तक चली इस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण जद्दोजहद के बाद आखिरकार टीम फंसे हुए परिवार तक पहुंच गई।

5 मासूमों की मुस्कान ने खत्म किया इंतजार, किनारे पहुंचते ही गूंजे बजरंगबली के जयकारे

रेस्क्यू टीम ने एक-एक कर पूरे परिवार को सुरक्षित बोट में बैठाया और वापस किनारे तक लेकर आई। इस परिवार में 5 वर्ष, 3 वर्ष और 2 वर्ष के तीन छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। बच्चों के साथ उनके माता-पिता की आंखों में घंटों का डर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन जैसे ही बोट सुरक्षित किनारे पहुंची, वहां मौजूद लोगों ने “जय बजरंगबली” के जयकारे लगाने शुरू कर दिए।कुछ ही देर पहले तक जिन चेहरों पर डर और बेबसी थी, वहां अब राहत और मुस्कान दिखाई दे रही थी। माता-पिता ने अपने बच्चों को सीने से लगाया तो मौके पर मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं। यह दृश्य हर किसी के लिए भावुक कर देने वाला था।

नगर सेना की बहादुरी बनी मिसाल, प्रशासन की तत्परता से बचीं पांच जिंदगियां

इस पूरे अभियान में गरियाबंद थाना प्रभारी, तहसीलदार तथा नगर सेना की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। नगर सेना टीम के प्रभारी जितेंद्र सेन के नेतृत्व में जवानों ने जिस साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, उसने साबित कर दिया कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी प्रशिक्षण और हौसला बड़ी से बड़ी चुनौती पर भारी पड़ सकता है।लगातार बारिश के बीच अंधेरी रात में चलाया गया यह ऑपरेशन केवल एक रेस्क्यू मिशन नहीं था, बल्कि मानवता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण बन गया। गरियाबंद जिले में पहली बार देर रात चलाया गया यह हाई-रिस्क रेस्क्यू अभियान पूरी तरह सफल रहा और पांच जिंदगियों को सुरक्षित बचाकर नगर सेना की टीम ने इतिहास रच दिया। इस दौरान

अब 3 सौ गायों की सांसें भी अटकीं, सुबह हो सकता है बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

5 लोगो को सफलता पूर्वक बचाने के बाद सुहागपुर गौठान में करीब 3 सौ गायें अभी भी बाढ़ के पानी के बीच फंसी हुई हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण गौठान चारों ओर से पानी से घिर चुका है। जिला प्रशासन को आशंका है कि यदि रातभर इसी तरह बारिश जारी रही और जलस्तर बढ़ता रहा, तो इन मवेशियों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
प्रशासन फिलहाल पानी का स्तर घटने का इंतजार कर रहा है, लेकिन यदि सुबह तक स्थिति सामान्य नहीं हुई तो नगर सेना और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गौठान में फंसी लगभग 300 गायों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चला सकती है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की तैयारी में है।

दोपहर में भी 3 लोगों की बचाई जान नगर सेना की टीम ने

नगर सेना की टीम के दौरा दोपहर में भी 3लोगों की जान बचाई गई । भिलाई में स्थित एक फार्म हाउस में 3 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद नगर सेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर 3 लोगों बचाया ।

रेस्क्यू टीम में शामिल रहे ये..

5 लोगो को बचाने के लिए बोट के साथ जो अंदर गए थे उनके नाम ललित कंवर, गोपी ठाकुर, राजेश भारद्वाज, भुवनेश्वर वर्मा है पूरी टीम को लीड करने वालेजितेंद्र सेन, यशवंत साहू, पन्ना पटेल, धर्मेंद्र यादव, नंदकिशोर साहू, दर्शन, ठाकुर, योगेश शामिल रहे ।

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