लगातार 48 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद नेशनल हाईवे 130C पर पंटोरा और बारूका के पास 5 से 7 फीट पानी भर गया। करीब 20 घंटे तक राजधानी से गरियाबंद का संपर्क टूटा रहा। अब पानी घटने के बाद प्रशासन ने वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी है।
गरियाबंद लगातार 48 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने गरियाबंद जिले की रफ्तार पूरी तरह रोक दी। नेशनल हाईवे 130C पर पंटोरा और बारूका के पास 5 से 7 फीट तक पानी भर जाने के कारण हाईवे को पूरी तरह बंद करना पड़ा। हालात ऐसे थे कि कोई भी छोटा या बड़ा वाहन इस मार्ग से गुजर नहीं पा रहा था और करीब 20 घंटे तक जिला मुख्यालय का राजधानी रायपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया।

पहले सुरक्षा जांच, फिर खुला हाईवे
बारिश थमने और जलस्तर घटने के बाद पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीम ने सड़क की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। सड़क सुरक्षित पाए जाने के बाद प्रशासन ने सावधानी के साथ वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी। फिलहाल पंटोरा और बारूका दोनों स्थानों पर पानी का स्तर काफी कम हो चुका है, जिससे यातायात सामान्य होने लगा है।
5 साल बाद फिर दोहराया 2021 जैसा मंजर
स्थानीय लोगों के अनुसार गरियाबंद में 2021 के बाद पहली बार इतनी भीषण बारिश देखने को मिली है। उस समय भी नेशनल हाईवे 130C बाढ़ के पानी में डूब गया था और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा था। अब 2026 की बारिश ने एक बार फिर वही भयावह तस्वीर सामने ला दी, जिससे लोगों को पांच साल पुरानी बाढ़ की याद ताजा हो गई।
लंबी कतारों में फंसे रहे वाहन, लोगों ने झेली परेशानी
हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। जरूरी काम से यात्रा कर रहे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। राजधानी रायपुर और गरियाबंद के बीच आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि अब मार्ग खुलने के बाद राहत की स्थिति है और वाहन धीरे-धीरे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से गुजरते समय पूरी सावधानी बरतें तथा प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।