गरियाबंद में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन मोड, किसानों को राहत, अवैध रेत माफियाओं को चेतावनी, सुपेबेड़ा के लिए 7 करोड़ की सौगात ।

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By Sangani

गरियाबंद में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन मोड समीक्षा बैठक में किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने, अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई और सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए 7 करोड़ रुपये मंजूर किए पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर।

गरियाबंद रायपुर संभाग की समीक्षा बैठक इस बार केवल औपचारिक सरकारी बैठक बनकर नहीं रह गई, बल्कि कई बड़े फैसलों और कड़े संदेशों की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली मैराथन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कर दिया कि किसानों की जरूरतों से समझौता नहीं होगा और अवैध गतिविधियों पर सरकार की नजर पूरी तरह बनी हुई है।

बैठक में सबसे ज्यादा राहत की खबर किसानों के लिए आई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी किसान को खाद और बीज के लिए भटकना नहीं पड़े। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था की सीधी जवाबदेही संबंधित जिलों के कलेक्टरों की होगी।

गरियाबंद में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन मोड

गरियाबंद में मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन मोड,सुपेबेड़ा की वर्षों पुरानी प्यास बुझाने की दिशा में बड़ा कदम

बैठक के दौरान एक ऐसा फैसला भी हुआ जिसका इंतजार सुपेबेड़ा क्षेत्र के लोग लंबे समय से कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। यह निर्णय उन हजारों ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण माना जा रहा है जो वर्षों से जल संकट की समस्या झेलते आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनके समाधान में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

रेत माफियाओं पर सख्त संदेश

बैठक में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए। उनके इस बयान को रेत माफियाओं के लिए सीधे चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को इसके फायदे बताने के निर्देश दिए गए।

योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, टीबी मुक्त पंचायत और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता की शिकायतों को कम करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए संवेदनशीलता तथा जवाबदेही के साथ काम करना होगा।

AI से पढ़ेंगे बच्चे, स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर पढ़ाई को बेहतर बनाया जाए।
स्वास्थ्य क्षेत्र की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि केवल आयुष्मान कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।

कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर भी हुई समीक्षा

बैठक में नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
एक तरफ किसानों को राहत, दूसरी तरफ सुपेबेड़ा के लिए बड़ी सौगात और अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती का संदेश गरियाबंद की यह समीक्षा बैठक कई मायनों में प्रशासनिक सख्ती और विकास के नए रोडमैप की झलक देती नजर आई। हालांकि अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री की नसीहत पर जिला प्रशासन कितनी ईमानदारी से उतरने का प्रयास करता है

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