गरियाबंद दुष्कर्म मामला,मुंह में गमछा ठूंसकर बेहोश किया, फिर बाइक पर ले गए, पॉक्सो के तहत दोनों दरिंदों को 20-20 साल की सजा ।

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By Sangani

गरियाबंद दुष्कर्म मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी रमजान खान और अब्दुल रहमान को 20-20 साल की सश्रम कैद और कुल 36,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय की पीठासीन न्यायाधीश गंगा पटेल ने मुख्य आरोपी रमजान खान को 20 साल के सश्रम कारावास और 36 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं, अपराध में सहयोग करने वाले उसके मित्र अब्दुल रहमान को भी न्यायालय ने सजा सुनाई है। इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराध के मामलों में न्यायिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

गरियाबंद दुष्कर्म मामला

गरियाबंद दुष्कर्म मामला घर से लापता हुई थी मासूम,

विशेष लोक अभियोजक हरि नारायण त्रिवेदी के अनुसार, मामले की शुरुआत 13 सितंबर 2024 को हुई, जब पीड़िता के परिजनों ने देवभोग थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग पुत्री रात में घर से लापता हो गई है और उसका पता नहीं चल रहा है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। उसी शाम पुलिस ने पीड़िता को मुख्य आरोपी रमजान खान के कब्जे से उसके मित्र अब्दुल रहमान के घर से बरामद किया।।

पीड़िता ने सुनाई दिल दहला देने वाली घटना

पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि घटना की रात वह लघुशंका के लिए घर-बाड़ी की ओर गई थी। तभी आरोपी अपने मित्र के साथ वहां पहुंचा और उसके मुंह में गमछा ढूंसकर उसे बेहोश कर दिया। होश आने पर उसने देखा कि आरोपी का मित्र मोटरसाइकिल चला रहा है और मुख्य आरोपी उसे पकड़कर बैठा है। रास्ते में आरोपी रमजान खान ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और फिर उसे मित्र के घर में रखा। इसके बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

13 गवाहों के बयान बने अहम आधार

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कुल 13 गवाहों के बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों, घटनाक्रम और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया।

कोर्ट ने क्या कहा

न्यायालय ने सभी तथ्यों, परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए इसे संपूर्ण सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर प्रकृति का अपराध माना।


रमजान खान को मिली सजा
पॉक्सो एक्ट की धारा 6: 20 वर्ष सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड
भारतीय न्याय संहिता की धारा 87: 5 वर्ष सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड
धारा 137(2): 3 वर्ष सश्रम कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड


अब्दुल रहमान को मिली सजा
पॉक्सो एक्ट की धारा 18: 20 वर्ष सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड
भारतीय न्याय संहिता की धारा 87(3)(5): 5 वर्ष सश्रम कारावास और 5,000 रुपये अर्थदंड
धारा 137(2)(3)(5): 3 वर्ष सश्रम कारावास और 3,000 रुपये अर्थदंड

त्वरित कार्रवाई का नतीजा

इस मामले में पुलिस की तत्परता और अभियोजन की मजबूत पैरवी अहम रही। रिपोर्ट के कुछ ही घंटों में पीड़िता की बरामदगी हुई, और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषियों को कड़ी सजा मिली। इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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