CM विष्णु देव साय के दौरे से पहले कांग्रेस नेता के घर पहुंची पुलिस, आखिर ऐसा क्या होने वाला था कि कर दिया नजरबंद?

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By Sangani

CM विष्णु देव साय के कार्यक्रम से पहले गरियाबंद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम,कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा को पुलिस ने नजरबंद किया, काला झंडा दिखाने की तैयारी की चर्चा से मचा सियासी बवाल।

गरियाबंद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गरियाबंद दौरे से ठीक पहले एक राजनीतिक घटनाक्रम ने जिले की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा को पुलिस ने उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की सूचना प्रशासन को मिली थी।

CM विष्णु देव साय

CM विष्णु देव साय के दौरे के पहले पुलिस को मिली सूचना के बाद सुखचंद नज़रबंद

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर थीं। इसी बीच विरोध प्रदर्शन की संभावित योजना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए सुखचंद बेसरा की गतिविधियों पर रोक लगा दी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।

क्या बोले कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा?

जानकारी के अनुसार कांग्रेस द्वारा बढ़े हुए बिजली बिलों के विरोध में प्रदर्शन और सरकार का पुतला दहन करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित था। इसी संभावित विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा को घर पर ही नजरबंद कर दिया।

नजरबंदी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सुखचंद बेसरा ने कहा कि यह लोकतंत्र है और यहां हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भारतीय जनता पार्टी सरकार विरोध की आवाज को इस तरह दबाने का प्रयास कर रही है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

बेसरा ने कहा कि जनता की समस्याओं को उठाना विपक्ष का दायित्व है और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस जनता के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया।

जिला अध्यक्ष के नजरबंद होने के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी

मुख्यमंत्री के आगमन से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रहा है।इस घटनाक्रम के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के दौरे और पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस की अगली रणनीति क्या होगी।

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