गरियाबंद पुलिस ने गांजा पैडलर दादू उर्फ इमरान को 2 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया, आरोपी पहले भी गांजा तस्करी के मामले में जेल जा चुका था और रिहाई के बाद फिर से अवैध कारोबार शुरू कर दिया था पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद शहर में गांजा तस्करी के खिलाफ चल रही पुलिस की कार्रवाई के बीच एक बार फिर ऐसा मामला सामने आया है जिसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कुछ अपराधियों के लिए जेल सुधारगृह है या फिर अस्थायी विश्राम स्थल? गरियाबंद पुलिस ने गांजा के लोकल सप्लायर आरोपी दादू उर्फ इमरान और उसके साथी रवि शास्त्री को लगभग 2 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। जिसकी कीमत 1 लाख रुपए बताई जा रही है आरोपी पहले भी गांजा सप्लाई के मामले में जेल की हवा खा चुका है, लेकिन बाहर आते ही उसने कथित तौर पर फिर उसी पुराने रास्ते को चुन लिया।

जेल से सबक नहीं,धंधे में कम्बैक की तैयारी आखिरकार पुलिस ने फिर दबोचा
गरियाबंद पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसकी तलाशी ली, जहां से करीब 2 किलो गांजा बरामद किया गया। बरामदगी के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 ( ख) के तहत कार्रवाई की गई।
शहर के युवाओं को लगा रहा था नशे की लत
बताया जाता है कि दादू उर्फ इमरान का नाम पहले भी अवैध गतिविधियों से जुड़ चुका है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह कभी सट्टा खिलाने के धंधे में सक्रिय था। पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बाद जब सट्टे का कारोबार प्रभावित हुआ तो उसने कथित रूप से गांजा बिक्री को नया व्यवसाय बना लिया।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि आरोपी शहर के विभिन्न हिस्सों में अपने ठिकाने बदल-बदलकर गतिविधियां संचालित करता था। हाई स्कूल क्षेत्र, शीतला मंदिर तालाब के आसपास सहित कई स्थानों को उसने कथित तौर पर संपर्क बिंदु बना रखा था, जहां युवाओं को गांजा की पुड़िया उपलब्ध कराई जाती थी।
मुखबिर की सूचना के आधार पर छापा मार कार्यवाही की पुलिस ने
पहले से ही पुलिस के रडार पर आए दादू उर्फ इमरान के कोकड़ी में गांजा बेचे जाने की जानकारी गरियाबंद पुलिस को मिली जिसके बाद पुलिस ने जाल बिछाते हुए उसे उसके साथी के साथ छुरा रोड स्थित कोकड़ी के पास से धर दबोचा इस दौरान उसके पास से 2 किलो से अधिक गांजा बरामद किया जिसे वह अपनी दो पहिया वाहन में रखकर बेच रहा था
नई कार,नई बाइक खरीदने के बाद फिर आया चर्चा में
कर्ज लेकर जमानत, फिर कारोबार अब नई कार ने भी खींचा ध्यान
सूत्रों के अनुसार आरोपी जब पिछले मामले में जेल गया था तब उसकी आर्थिक स्थिति काफी खराब बताई जा रही थी। जमानत के लिए उसे कथित रूप से इधर-उधर से कर्ज लेना पड़ा था। लेकिन जेल से बाहर आने के कुछ समय बाद ही उसकी आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव देखने को मिला है चर्चा है कि पहले नई दोपहिया और हाल ही में उसने एक नई कार खरीदी थी, जिसने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि कार खरीदने और उसकी आय के स्रोतों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ था। इसी बीच पुलिस की सक्रिय निगरानी ने आरोपी की गतिविधियों पर शिकंजा कस दिया। पुलिस ने गांजा सप्लाई के मामले में उसकी नई दोपहिया वाहन को जप्त कर लिया है
पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बोले शहर में नशे के खिलाफ लगातार जारी रहेगी कार्यवाही
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर और नए थाना प्रभारी शिशिर पांडे की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहर में लगातार बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस ऐसे आदतन आरोपियों पर विशेष नजर बनाए हुए है। अब लोगों के बीच चर्चा इस बात की है कि क्या इस बार जेल की सलाखें आरोपी को अवैध कारोबार से हमेशा के लिए दूर रख पाएंगी, या फिर यह कहानी एक बार फिर किसी नए अध्याय के साथ लौटेगी।