पापा की बाइक, बेटे,बेटी की सवारी और फिर कानून की तैयारी गरियाबंद के तिरंगा चौक पर परिवहन एवं यातायात विभाग की संयुक्त कार्रवाई में नाबालिग वाहन चालकों, बिना लाइसेंस दोपहिया सवारों पर कार्रवाई की गई,कई लोगों के मौके पर ही लर्निंग लाइसेंस भी बनाए गए पढ़े पूरी ख़बर पैरी टाईम्स पर
गरियाबंद की सड़क पर फर्राटा भर रहे दोपहिया वाहन चालकों को बुधवार शाम उस समय जोरदार झटका लगा, जब गरियाबंद के तिरंगा चौक पर परिवहन एवं यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक जांच अभियान शुरू कर दिया। रोज की तरह बेफिक्र होकर वाहन चला रहे कई लोगों को शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में उनसे लाइसेंस, दस्तावेज और नियमों की जानकारी पूछी जाने वाली है।

पापा की बाइक, बेटे,बेटी की सवारी और फिर कानून की तैयारी फिर अचानक शुरू हुआ जांच अभियान
तिरंगा चौक पर शुरू हुए इस विशेष अभियान के दौरान आने-जाने वाले दोपहिया वाहनों को रोककर उनकी बारीकी से जांच की गई। जांच में कई ऐसे चालक सामने आए जो बिना वैध लाइसेंस के वाहन चला रहे थे। इतना ही नहीं, कुछ नाबालिग बच्चे भी दोपहिया वाहन चलाते हुए पाए गए, जिन्हें देखकर अधिकारियों ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े किए।
जांच के दौरान कई नाबालिग दोपहिया चलाते नजर आए
जानकारी के अनुसार संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग नौ लोगों पर विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले में चालानी कार्रवाई की गई। इनमें पांच वाहन चालक नाबालिग बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने नाबालिगों को वाहन चलाने के खतरों और कानूनी परिणामों की जानकारी देते हुए उनके परिजनों को भी नियमों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। इस दौरान गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर और परिवहन अधिकारी योगेश्वरी वर्मा मौजूद थी
अभियान की खासियत बात.. मौके पर ही बनवाया लर्निंग लाइसेंस
अभियान की सबसे खास बात यह रही कि कार्रवाई केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रही। जिन वाहन चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, उनके लिए मौके पर ही व्यवस्था की गई। तिरंगा चौक पर मौजूद परिवहन केंद्र में कई लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनवाए गए। इससे लोगों को न केवल नियमों की जानकारी मिली, बल्कि वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने का अवसर भी मिला।
परिवहन और यातायात विभाग की पहल की जनता ने की सराहना
स्थानीय नागरिकों ने परिवहन एवं यातायात विभाग की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना लगाने के बजाय लाइसेंस बनवाने जैसी सुविधा उपलब्ध कराना एक सकारात्मक कदम है, जिससे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और नियमों का पालन करने की प्रवृत्ति मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। ऐसे में समय-समय पर होने वाले संयुक्त जांच अभियान न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करते हैं, बल्कि अभिभावकों और युवाओं को भी जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश देते हैं।
अब सड़कों पर वाहन चलाने के पूर्व लाइसेंस और कागजात साथ लेकर चले
गरियाबंद में तिरंगा चौक पर हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देने में सफल रही कि सड़क पर वाहन चलाना अधिकार जरूर है, लेकिन उससे पहले नियमों की समझ और वैध लाइसेंस होना भी उतना ही जरूरी है। अब देखने वाली बात होगी कि इस अभियान के बाद शहर की सड़कों पर नियमों का पालन कितना बढ़ता है।