राजिम में जलभराव के बीच जिंदगी की जंग,अनुराग मनोविकास केंद्र में फंसे 16 दिव्यांग बच्चे, रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला पढ़ें पूरी खबर पैरी टाईम्स पर।
गरियाबंद राजिम में शनिवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वार्ड क्रमांक 01 स्थित अनुराग मनोविकास केंद्र के भीतर पानी भरने से 16 दिव्यांग बच्चे फंस गए। चारों तरफ जलभराव और बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच प्रशासन, नगर पालिका और जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही शुरू हुए रेस्क्यू अभियान में सभी 16 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद उनके स्वास्थ्य की जांच कराई गई और भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।

राजिम में जलभराव के बीच जिंदगी की जंग अचानक भर गया पानी, सुबह मची अफरा-तफरी
26 सितंबर, शनिवार की सुबह करीब 10 बजे राजिम के वार्ड क्रमांक 01 स्थित अनुराग मनोविकास केंद्र में जलभराव की स्थिति सामने आई। भवन के भीतर पानी भरने के कारण वहां मौजूद 16 दिव्यांग बच्चे फंस गए। बच्चों के फंसे होने की जानकारी मिलते ही उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वार्ड क्रमांक 02 के पार्षद तुषार कदम तत्काल सक्रिय हुए। उन्होंने प्रशासन और नगर पालिका की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।
प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने संभाला मोर्चा
बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव, तहसीलदार डिंपल ध्रुव और मुख्य नगर पालिका अधिकारी संतोष विश्वकर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। संयुक्त टीम ने बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
जलभराव के बीच फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी। प्रशासन, नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से सभी 16 दिव्यांग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद बच्चों को तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई गई और उनकी स्थिति का जायजा लेते हुए जरूरी देखभाल सुनिश्चित की गई।
विधायक रोहित साहू ने बच्चों के लिए कराई भोजन की व्यवस्था
रेस्क्यू के बाद बच्चों की देखभाल और भोजन की व्यवस्था को लेकर भी पहल की गई। राजिम विधायक रोहित साहू ने घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
विधायक ने अधिकारियों एवं संबंधित टीम से बच्चों की आवश्यकताओं के संबंध में भी जानकारी ली। संकट की इस घड़ी में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
16 बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू, लेकिन जलभराव ने खड़े किए सवाल
अनुराग मनोविकास केंद्र में जलभराव के बीच फंसे सभी 16 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन और नगर पालिका की तत्परता से एक बड़ा संकट टल गया। हालांकि, इस घटना ने बारिश के दौरान ऐसे संस्थानों में जलभराव से निपटने और बच्चों की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटने की तैयारियों पर ध्यान देना जरूरी है। फिलहाल, राहत की सबसे बड़ी खबर यही है कि मुश्किल हालात के बीच फंसे सभी 16 बच्चे सुरक्षित हैं।