लंबे इंतज़ार के बाद खुला सस्पेंस छत्तीसगढ़ सरकार ने गरियाबंद सहित कई नगर पालिका और नगर पंचायतों में एल्डरमैन नियुक्त किए। जानिए किस निकाय में किन नामों को मिली जिम्मेदारी और क्या होंगे इसके राजनीतिक मायने।
गरियाबंद छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में एल्डरमैन (नामांकित पार्षद) नियुक्त कर स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा सहित कई जिलों के नगरीय निकायों में नामांकित पार्षदों की सूची जारी की गई है। आदेश के अनुसार ये नियुक्तियां आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

लंबे इंतज़ार के बाद खुला सस्पेंस, गरियाबंद में इन चेहरों को मिली।जगह
गरियाबंद जिले की बात करें तो नगर पालिका गरियाबंद में सुश्री सरला उइके, सेवक निषाद, श्रीमती गुलेश्वरी ठाकुर, रितेश यादव और योगेंद्र सिन्हा को नामांकित पार्षद बनाया गया है। वहीं नगर पालिका राजिम में रामजीवन साहू, श्रीमती मधुनस्थानी, राधेश्याम सोनी, दीनदयाल सोनकर और कपिल धीवर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा फिंगेश्वर, छुरा, कोपरा और देवभोग नगर पंचायतों के लिए भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं।

अब निकाय कार्यों में आएगी तेजी ,अनुभवी और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों की भागीदारी से
राज्य शासन ने यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत की हैं। शासन का उद्देश्य निकायों में अनुभवी और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना बताया जा रहा है।
हालांकि, एल्डरमैन की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर इन नियुक्तियों को आगामी निकायों की कार्यप्रणाली और राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। कई जगहों पर समर्थकों में उत्साह है तो वहीं विपक्ष भी नियुक्तियों पर नजर बनाए हुए है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब संबंधित निकायों की बैठकों और विकास कार्यों में नामांकित पार्षदों की सक्रिय भूमिका देखने को मिलेगी। आने वाले दिनों में यह भी स्पष्ट होगा कि इन नियुक्तियों से स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली और राजनीतिक समीकरणों पर कितना प्रभाव पड़ता है